फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फतेहपुरः यमुना का पानी घटा, घरों में लौटने लगे लोग

विज्ञापन
बांदा-कानपुर हाइवे में बाढ़ का पानी कम होने के बाद ऐसा नजारा। संवाद - फोटो : FATEHPUR
विज्ञापन
फतेहपुर। यमुना नदी की बाढ़ का सिमटता पानी दुश्वारियों को उजागर कर रहा है। डेढ़ मीटर पानी कम हुआ है। बाढ़ की सीलन से कई कच्चे घर गिर गए हैं। कई घरों की दीवारों में दरार आ गई हैं। शिविरों में शरण लिए लोग अपने घरों को लौटने लगे हैं। खेतों में पानी कम हो रहा है।
विज्ञापन

पलटूपुर गांव में बाढ़ का पानी कम हो गया है। लोग घरों की सफाई में जुट गए हैं। अनुपमा ने झाड़ू लगाकर घर की सफाई की, लेकिन मिट्टी के चूल्हे में नमी होने के कारण खाना पकाने के लिए चूल्हा नहीं जल सका। ऊंचाई पर शिविर में ही पहले की तरह चूल्हा जलाकर खाना पकाया गया। पलटूपुर और ललौली कस्बे में कई लोगों के कच्चे मिट्टी से बने घर बाढ़ की सीलन से गिर गए हैं। ललौली क्षेत्र के पलटूपुर, उरौली, दसौली, अढ़ावल, मैनाही, कोर्रा कनक, ललौली में बाढ़ का पानी कम होने से बोई गई तिल, ज्वार, बाजरा, अरहर, मूंग, उर्द की फसलों की बर्बादी दिखनी शुरू हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में 500 हेक्टेयर क्षेत्रफल की फसलें बर्बाद हुई है। बहुआ संवाद के मुताबिक यमुना के बाढ़ का पानी डेढ़ मीटर कम हो गया है। पलटूपुर के 50 परिवार अपने घरों को वापस लौट आएं हैं। बांदा-कानपुर हाईवे पर भरा पानी कम हो गया है। अभी भी ललौली कस्बे के नसीरखानी मोहल्ले में बाढ़ का पानी भरा है। इस मोहल्ले के सुनील बाल्मीकि, कल्लू बाल्मीकि, विनोद बाल्मीकि, बबलू खान व पलटूपुर के मनोहर निषाद, दसौली के रामप्रसाद निषाद के कच्चे मकान गिर गए हैं।
बहुआ। जलस्तर कम होने के साथ ही बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। पलटूपुर गांव में कई लोग बीमार हैं। लोग खांसी, बुखार व खुजली से पीड़ित हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दवाएं दी। अमौली संवाद के मुताबिक बाढ़ प्रभावित गौरीऔरा, दपसौरा, परसेढ़ा गांवों से बाढ़ का पानी खत्म होते ही रास्तों में कीचड़ भर गया है। दपसौरा के रामबाबू, सुशील, अमरसिंह, जगदीश बाबा, वासुदेव, गौरीऔरा के इशरत, अंसार ने बताया कि भले ही घरों में पानी नहीं है, लेकिन रास्ते कीचड़ युक्त हो गए हैं। सीलन के कारण बीमारी फैलने का खतरा अधिक है। दपसौरा प्रधान रोहित, परसेढ़ा प्रधान इंदल निषाद ने बताया कि दो दिन में टीम लगाकर कीचड़ हटवाया जाएगा। चिकित्साधीक्षक डॉ. पुष्कर कटियार ने बताया कि बाढ़ क्षेत्रों में पांच हजार क्लोरीन की टेबलेट बांटी गईं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें