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बवाल के विरोध में सीएचसी में हड़ताल

Thu, 25 Jun 2015 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
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सीएचसी में बवाल करने के मामले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से खफा डॉक्टर और स्टाफ ने बुधवार को फिर हड़ताल कर दी। अस्पताल में ताला लगाकर डॉक्टर और स्टाफ परिसर में धरने पर बैठ गया। एसडीएम, सीओ और सपाइयों ने हड़ताली डॉक्टर व स्टाफ को समझाया, लेकिन वह नहीं माने। हड़ताल से इमरजेंसी और ओपीडी में आने वाले मरीज परेशान हुए।
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मुगलरोड पर हुए हादसे में घायलों के इलाज में हीलाहवाली पर मंगलवार को सीएचसी बिंदकी में बवाल हो गया था। आरोप है कि भाकियू राष्ट्रवादी के नेताओं, कार्यकर्ताओं ने फार्मेसिस्ट को पीटकर लहूलुहान कर दिया था। इसके विरोध में स्टाफ अस्पताल में तालाबंदी कर हड़ताल पर चला गया था। पुलिस ने आनन-फानन में भाकियू के तीन नेताओं सहित 23 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर हड़ताल खत्म करा दी थी, लेकिन बुधवार को फिर डॉक्टर और अस्पताल के स्टाफ ने काम बंद कर दिया। सूचना मिलने पर एसडीएम जेएन सचान, सीओ आरके वर्मा, सपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष सुधीर यादव, पूर्व सभासद अकरम उर्फ गुड्डू आदि अस्पताल पहुंचे। हड़ताली डॉक्टर, कर्मचारी नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी, सीएचसी में सुरक्षा बढ़ाने, आराजक तत्वों के अस्पताल में प्रवेश पर रोेक लगाने की मांग पर अड़ गए। हड़तालियों के अड़ियल रवैये पर सपाइयों ने नाराजगी भी जताई। हड़ताल के कारण अस्पताल में आने वाले मरीजों को खासी परेशानी हुई। गंभीर मरीजों को तीमारदार नर्सिंग होम या अन्य अस्पतालों में लेकर चले गए। कोतवाल केके यादव ने बताया कि नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

इंसेट
स्टाफ ने शुरू की थी मारपीट: पुन्नू
भाकियू राष्ट्रवादी के जिलाध्यक्ष पुन्नू शुक्ला का आरोप है कि हादसे में घायल भाकियू कार्यकर्ताओं के इलाज में डॉक्टरों व फार्मेसिस्टों ने न केवल हीलाहवाली की बल्कि अभद्रता कर बाहर से दवाइयां लाने के नाम पर पैसे भी मांगे। विरोध करने पर सीएचसी कर्मियों ने कार्यकर्ताओं से मारपीट शुरू कर दी। इसमें कार्यकर्ताओं के चोटें आई हैं इसके बावजूद उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। घायल कार्यकर्ताओं की डॉक्टरी भी नहीं कराई गई।
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फालोअप
फार्मासिस्ट एसोसिएशन का आंदोलन का ऐलान
मंगलवार को सीएचसी बिंदकी में भाकियू कार्यकर्ताओं ने किया था बवाल
डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने बैठक कर निंदा प्रस्ताव पारित किया
29 जून से आंदोलन की चेतावनी, 3 जुलाई से बंद होंगी इमरजेंसी सेवाएं
डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने सीएचसी बिंदकी में मंगलवार को भाकियू कार्यकर्ताओं की फार्मासिस्ट के साथ मारपीट हुई घटना को गंभीरता से लिया है। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई ने होने से संगठन ने 29 जून से आंदोलन की चेतावनी दी है। इस पर भी कार्रवाई नहीं हुई, तो 3 जुलाई से आपातकालीन सेवाएं रोकने की धमकी दी है। इस संबंध में एसोसिएशन ने जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान को लिखित सूचना दे दी है।
ज्ञापन में कहा गया है कि मंगलवार को सीएचसी बिंदकी में कार्यरत फार्मासिस्ट के साथ मारपीट की घटना की कड़े शब्दों में निंदा की जाती  है। साथ ही मांग की गई है कि हिंसा और संपत्ति की क्षति का निस्तारण अधिनियम 2013 के तहत मारपीट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। सभी दोषियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा जाए। अस्पतालों में कार्यरत डाक्टर और कर्मचारियों की सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं। समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया, तो 25, 26 जून को जिले के समस्त फार्मासिस्ट संवर्ग काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करेगा। 27, 28 जून को सुबह 8 बजे से 10 बजे तक दो घंटे कार्य का बहिष्कार करेगा। 29 जून से संगठन अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चला जाएगा, लेकिन आपातकालीन सेवाएं एवं पोस्टमार्टम पूर्व की भांति जारी रहेंगी। इसके बावजूद भी अगर मांगें नहीं मानी गई, तो 3 जुलाई से आपात कालीन सेवाएं रोकते हुई पोस्टमार्टम का कार्य बंद कर दिया जाएगा। ज्ञापन देने वालों का नेतृत्व एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सुभाष चंद्र सिंह ने किया।

किसान नेता ने रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग
बिंदकी सीएचसी में बवाल के चौबीस घंटे बादकिसान नेता ने एसपी से मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की है। पुलिस कार्यालय में एसपी अनीस अहमद अंसारी को भकियू राष्ट्रवादी के जिलाध्यक्ष पुन्नू शुक्ला ने शिकायती पत्र देकर बताया कि मंगलवार को सड़क दुर्घटना में उसके कुछ कार्यकर्ता घायल हो गए थे। जिनके  इलाज के लिए सीएचसी पहुंचे थे। जहां पर फार्मासिस्ट रमाकांत वर्मा ने इलाज के लिए रिश्वत की मांग की। इसका विरोध करने पर फार्मासिस्ट ने  उनकी कार्यकर्ता सरस्वती के सिर पर हमला कर दिया। इससे वह गंभीर रूप से लहूलुहान हो गई। कोतवाली पुलिस से रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की गई। 
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