पदोन्नत आईपीएस जिले की सरजमीं में अधिक दिनों तक टिक नहीं पाए हैं। कोई न कोई ऐसी वजह बनती रही जिससे चंद महीनों में ही उनका पत्ता साफ हो जाता है। अब आयोग ने जिले में सिर्फ 78 दिन बिताने वाले एसपी बलिकरन सिंह यादव को शुक्रवार की शाम हटा दिया। इनकी जगह उमेश कुमार सिंह की तैनाती की गई है।
तबादले के पीछे चुनाव आयोग में हुई राजनैतिक दलों की शिकायतें और प्रेक्षकों की रिपोर्ट वजह मानी जा रही है। इनकी जगह पर लखनऊ में तैनात एसपी क्राइम उमेश कुमार सिंह 2006 बैच के आईपीएस को भेजा गया है। अब चुनाव सकुशल संपन्न कराना उनकी जिम्मेदारी होगी। पुलिस अधीक्षक बलिकरन सिंह यादव की तैनाती 23 नवंबर को जिले में हुई थी। तत्कालीन एसपी रामकिशोर को नोटबंदी की लाइन में लगे ग्रामीणों पर होमगार्ड के लाठी चार्ज करने पर सस्पेंड कर दिया गया था। रामकिशोर जिले में सिर्फ एक माह दो दिन ही बीता सके थे। करीब डेढ़ साल में जिले में छह आईपीएस की तैनाती की जा चुकी है।
23 नवंबर को एसपी बलिकरन सिंह को मिली थी तैनाती, 78 दिन रहे
19 अक्तूबर को एसपी रामकिशोर आए। एक माह कुछ दिन ही रहे।
22 जनवरी को जहानाबाद संाप्रदायिक बवाल में एसपी कलानिधि नैथानी आए। करीब नौ माह रहे।
25 नवंबर 2015 में मंडवा सांप्रदायिक बवाल में आए एसपी राजीव मल्होत्रा। करीब ढाई महीने रहे।
अगस्त 2015 में एसपी उमेश कुमार श्रीवास्तव ने संभाला था चार्ज। करीब तीन माह रहे।
अप्रैल 2015 में एसपी अनीस अहमद अंसारी जिले में आए। करीब चार माह टिके।
जनवरी 2015 में आए एसपी शालिगराम वर्मा। केवल तीन माह टिक सके