फतेहपुर। यूपी बोर्ड परीक्षा की निगरानी व्यवस्था पर उस समय सवाल खड़े हो गए जब सचल दल की जांच में उत्तर पुस्तिका संकलन केंद्र का सीसीटीवी कैमरा बंद मिला। चौंकाने वाली बात यह रही कि परीक्षा के पहले दिन से ही कैमरा काम नहीं कर रहा था लेकिन केंद्र व्यवस्थापक की ओर से इसे दुरुस्त कराने की कोई पहल नहीं की गई। वहीं एक बालिका इंटर कॉलेज में छात्राओं के पर्स से नकदी मिलने के बाद परीक्षा केंद्रों की सतर्कता पर भी सवाल उठे हैं।
यूपी बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन और पारदर्शी कराने के लिए जिले में आठ सचल दल गठित किए गए हैं। परीक्षा के दौरान ये दल लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को डायट प्राचार्य के नेतृत्व में गठित सचल दल ने हरवंश सिंह इंटर कॉलेज रेवाड़ी, सर्वोदय इंटर कॉलेज गोपालगंज, सर्वोदय बालिका इंटर कॉलेज, महात्मा गांधी इंटर कॉलेज, आदर्श जनता इंटर कॉलेज औंग, श्री मन्नालाल दीक्षित इंटर कॉलेज कोराईं एवं डॉ. भीमराव अंबेडकर इंटर कॉलेज बरोरा, मलवां का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान डॉ. भीमराव अंबेडकर इंटर कॉलेज बरोरा, मलवां में उस कक्ष का सीसीटीवी कैमरा बंद मिला जहां परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाओं का संकलन किया जाता है। सचल दल प्रभारी ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए केंद्र व्यवस्थापक को तत्काल कैमरा दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। वहीं, सर्वोदय बालिका इंटर कॉलेज में जांच के दौरान कुछ छात्राओं के पर्स में 500 रुपये के नोट मिले। इस पर सचल दल की ओर से निर्देश दिया गया कि मिली धनराशि को परीक्षा अवधि तक के लिए जमा कराया जाए और परीक्षा समाप्त होने के बाद संबंधित छात्राओं को वापस किया जाए। नकदी मिलने की घटना ने परीक्षा केंद्रों पर तलाशी व्यवस्था और अनुशासन की वास्तविक स्थिति उजागर कर दी है।