अवैध मौंरग खनन की जांच में जुटी सीबीआई टीम गुरुवार दोपहर बाद लखनऊ रवाना हो गई। टीमों ने कानपुर, बांदा, प्रयागराज में कुछ गवाहों से भी पूछताछ की है।
टीम ने कुछ लोगों को नोटिस दिया है और दिल्ली कार्यालय सीबीआई में बयान दर्ज कराने को कहा है। सपा शासन काल में जिले में तीन मौरंग पट्टों को नियमों को ताक पर रखकर आंवटित किए गए थे। मामले की जांच को सीबीआई पांचवीं बार आई थी।
सीबीआई की तीन सदस्यीय टीम गुरुवार सुबह बांदा पहुंची। उसके बाद टीम कानपुर गई। कानपुर से दोपहर बाद लौटी। सूत्रों के अनुसार टीम ने वहां पर 10 लोगों से मुलाकात की है। ये लोग सिंडीकेट के खिलाफ गवाह बनाए जा सकते हैं।
इन लोगों से लिखापढ़ी की है। इन जिलों से सिंडीकेट के गहरे तार जुड़े होना भी पाया। यहां सिंडीकेट के कुछ सदस्यों ने अकूत संपत्ति भी बनाई है। संपत्तियों के बारे में भी जांच पड़ताल की है। इन जिलों में अवैध खनन के दौरान तैनात रहे अधिकारियों और कर्मचारियों की भी बाद में तैनाती हुई है। उनकी भी पड़ताल की गई।
प्रयागराज में बुधवार को टीम ने गवाहों से मुुलाकात की थी। प्रयागराज में तत्कालीन एक खनन अधिकारी ने करोड़ों की अचल संपत्ति बनाई है। टीम को इसकी भनक भी लगी है। अचल संपत्ति की जानकारी भी प्रवर्तन निदेशालय को दी गई है।
गवाहों, सिंडीकेट और तत्कालीन कर्मचारियों को दिल्ली सीबीआई कार्यालय में बयान दर्ज कराने को बुलाएगी। अवैध खनन के मामले में पूर्व खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति और जिले के पट्टेधाऱक सुखराज निषाद जिला पंचायत सदस्य और शिव सिंह के खिलाफ सीबीआई ने एफआईआर की थी। प्रकरण में तत्कालीन डीएम अभय को हटाया गया था।