फतेहपुर। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को छिपाकर नौकरी करने वाले सेवानिवृत्त संग्रह अमीन के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन का मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मुकदमा राजस्व विभाग के सचिव नवीन कुमार के आदेश पर कराया गया है।
सदर कोतवाली में नायब तहसीलदार सुशील कुमार सिंह ने एफआईआर में बताया कि सेवानिवृत्त संग्रह अमीन शिवगोपाल के खिलाफ उच्च न्यायालय से पांच अगस्त 1997 में नौकरी सेवा विस्तार का आदेश खारिज हुआ था। आरोप है कि आदेश छिपाकर संग्रह अमीन 2017 तक नियम विरुद्ध संग्रह अमीन के पद पर कार्यरत रहे। इस दौरान 36 लाख 73 हजार 765 रुपये वेतन, पदोन्नति समेत अन्य सेवा लाभ लिया। इससे सरकारी कोष की क्षति की गई। मामले में विशेष अपील जिला प्रशासन की ओर से शासन में हुई थी। शासन के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। सेवानिवृत्त अमीन शिवगोपाल (65) बिंदकी तहसील के डुंडरा गांव निवासी है। शहर में सीओ सिटी कार्यालय रानी कालोनी के पास रहता है। राजस्व विभाग अब वेतन समेत अन्य लाभ की वसूली करेगा।
तीन बार अमीन को हटाया गया था
नायब तहसीलदार ने बताया कि संग्रह अनुसेवक पद पर शिवगोपाल की अस्थायी तैनाती 1985 में हुई थी। एक साल बाद 1986 में सेवा समाप्त की गई थी। इसके बाद 1987 से 89 तक कार्यरत रहे। 1989 में हटाए जाने पर अमीन इलाहाबाद हाईकोर्ट से स्टे ले आया था। हाईकोर्ट ने 1997 में स्टे को खारिज कर दिया। इस आदेश को छिपाकर अमीन 2017 तक नौकरी करता रहा।