संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। चांदपुर थाने में दर्ज गैंगस्टर मामले की केस डायरी गायब हो गई। मामले का खुलासा आईजीआरएस की जांच रिपोर्ट आने के बाद हुआ। प्रकरण में जांच बैठाई गई है।
चांदपुर थाने के धमिनाखुर्द निवासी दिनेश कुमार ने एडीजी से गैंगस्टर अपराध के मामले में आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट न पहुंचने की शिकायत की थी। जांच एएसपी विजय शंकर मिश्र ने की। एएसपी ने जांच में रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि तत्कालीन थानाध्यक्ष कैलाश नाथ ने 14 नंवबर 2018 को अपराध संख्या-111/2018 के तहत गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना तत्कालीन एसएचओ जाफरगंज चिरंजीव मोहन ने की। उनके बाद 25 फरवरी 2019 को तत्कालीन एसएचओ जाफरगंज एमपी सिंह ने की। आरोप पत्र व पूरी केस डायरी 14 मई 2019 को सीओ जाफरगंज पेशी कार्यालय परीक्षण को पहुंची।
सीओ कार्यालय से कोर्ट में दाखिल करने के लिए नौ अगस्त 2019 को तत्कालीन चांदपुर थाने के पैरोकार आरक्षी श्याम मोहन पांडेय ने सीओ कार्यालय से प्राप्त किया है। चांदपुर थाने में 19 जनवरी 2020 को आरक्षी की हार्टअटैक से मौत हो गई। तत्कालीन हेड मोहर्रिर मनोज कुमार से केस डायरी के संबंध में पूछताछ की। उसने अनभिज्ञता जाहिर की है।
केस डायरी थाना कार्यालय मालखाने में तलाश की गई, कोई पता नहीं लगा। कोर्ट में छह सितंबर 2019 को मुकदमे की उपस्थित है, लेकिन केस डायरी का पता नहीं लगा। एएसपी ने बताया कि आख्या अधिकारियों को भेजी गई है। मामले की प्रारंभिक जांच क्षेत्राधिकारी अपराध प्रगति यादव को दी गई है। शिकायतकर्ता दिनेश कुमार ने बताया कि गैंगस्टर का मामला प्रधान सत्यनारायण समेत अन्य के खिलाफ दर्ज हुआ था। आरोप पत्र दाखिल न होने पर शिकायत की गई थी। शिकायत पर केस डायरी के गायब होने का जवाब मिला है।