कानपुर फील्ड गन फैक्ट्री से चोरी रिवाल्वरों की पड़ताल में लखनऊ एसटीएफ ने
मंगलवार को छापेमारी कर पूंजीपति के पास से 32 बोर का एक रिवाल्वर और दो
कारतूस बरामद किया है।
टीम ने पूंजीपति का कनेक्शन बड़े गैंग से भी
होने का दावा किया है। जिले में और भी लोगों के पास अवैध रिवाल्वर होने
के सुराग मिले हैं। इनकी तलाश में टीम जुटी है।
बिंदकी कोतवाली
क्षेत्र के आलमगंज गांव निवासी नसरुद्दीन पुत्र बशीर करीब दो दशक से ललौली
चौराहे पर रहता है। वह टायर कंपनी का डीलर है। लखनऊ एसटीएफ के इंस्पेक्टर
विमल सिंह, एसआई हेमंत भूषण सिंह, दीपक कुमार, प्रेम कुमार और रिजवान ने
ललौली चौराहे से मंगलवार को नसरुद्दीन को पकड़ा है।
आरोपी के पास 32
बोर का रिवाल्वर और कारतूस बरामद किए हैं। एसआई हेमंत भूषण ने बताया कि
कानपुर फील्ड गन फैक्ट्री से निर्मित असलहों के साथ तीन जुलाई को कानपुर
में तीन तस्करों को पकड़ा गया था। इनमें कानपुर बर्रा के फेज टू निवासी
रामप्रकाश मीणा फिटर फील्ड गन फैक्ट्री और फतेहपुर के जाफरगंज के गुदहिया
निवासी देवेश कुमार सिंह ऊर्फ गुड्डू , घाटमपुर निवासी हितेंद्र कुमार यादव
ऊ र्फ गुड्डू यादव थे।
रामप्रकाश मीणा फील्ड गन से रिवाल्वर चोरी
करके हितेंद्र और देवेश को सप्लाई करता था। देवेश ने फतेहपुर में कई
रिवाल्वर बेचे हैं। इनकी बरामदगी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
टीम
को पता चला कि एक रिवाल्वर नसिरुद्दीन को भी बेचा गया था। जिसे सटीक सुराग
मिलने पर रिवाल्वर के साथ पकड़ा गया है। इसका मुकदमा बिंदकी कोतवाली में
दर्ज कराया गया है। एसटीएफ का दावा है कि आरोपी नसरुद्दीन कई साल पहले
मुंबई में रहता था। वहां पर इसके डी गैंग से सबंध हो गए थे।
मुंबई में नसरुद्दीन का रहता है भाई
आलमगंज
गांव में काफी गरीब परिवार का नसरुद्दीन है। उसका भाई सदरुद्दीन मुंबई में
रहता है। परिवार के तीन दशक से अच्छे दिन आ गए हैं। गांव की प्रधानी
नसिरुद्दीन के परिवार में ही रहती है।
गांव के कई परिवारों को
मुंबई में नौकरी में रखा है। जिले के मलवां में केमिकल फैक्ट्री समेत कई
बड़े धंधे भाइयों ने फैला रखे हैं।