फतेहपुर। भ्रष्टाचार पर रोकथाम के लिए एआरटीओ कार्यालय में करीब 30 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। कार्यालय के पटल कक्ष और आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों की निगरानी की जाएगी। कैमरों को वाईफाई सिस्टम से जोड़ा जाएगा।
इससे प्रयागराज और लखनऊ आरटीओ कार्यालय की गतिविधियों पर नजर रख सकेंगे। कैमरों के जरिये दलालों की गतिविधियों की निगरानी होने से कार्यालय में उनका जमावड़ा खत्म होने की उम्मीद है।
लखनऊ आरटीओ ने पांच सितंबर को एआरटीओ कार्यालय का निरीक्षण किया था। यहां कई सीसीटीवी कैमरे बंद मिले थे। कई जगह कैमरे नहीं लगे थे। इसके बाद एआरटीओ को कैमरे लगवाने के निर्देश दिए गए थे। वहीं तीन सितंबर को एडीएम विनय पांडेय और एएसपी ज्ञान प्रकाश ने एआरटीओ कार्यालय में छापा मारा था।
जांच में ऑनलाइन और कैश में हेराफेरी सामने आई थी। कैश में 7900 रुपये कम मिलने के मामले में एडीएम की जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रयागराज आरटीओ ने कार्यालय के बाबू शुभम सिंह को निलंबित कर दिया था। निलंबित बाबू को कौशाम्बी एआरटीओ कार्यालय से संबद्ध किया गया है। एआरटीओ प्रशासन रंजीत सिंह से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।
इसके बाद कार्यालय में कैमरे लगवाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई। इससे पहले भ्रष्टाचार में संलिप्तता पाए जाने पर एआरटीओ पुष्पांजलि मित्रा को निलंबित किया जा चुका है।