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बैंकों की हड़ताल से 50 करोड़ का कारोबार ठप

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आईटीआई स्थित बैंक आफ बड़ौदा कार्यालय में सरकार का विरोध जताते बैंक कर्मी - फोटो : FATEHPUR
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फतेहपुर। आल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के आह्वान का जिले में बैंकों की हड़ताल में मिलाजुला असर देखने को मिला। पंजाब नेशनल बैंक और बैंक आफ बड़ौदा में तालाबंदी नजर आई तो स्टेट बैंक आफ इंडिया और बैंक आफ इंडिया में कामकाज होता मिला। हड़ताल से बैंकों का करीब 50 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है।
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आईटीआई रोड स्थित बैंक आफ बड़ौदा में ग्राहक पहुंचे लेकिन बिना काम हुए लौट गए। जीटीरोड की शाखा के मुख्य दरवाजे पर ताला लटकता रहा। आईटीआई रोड के केनरा बैंक का भी कामकाज ठप रहा। पीएनबी और बॉब जैसी बैंकों की एक दिनी हड़ताल से लेन देन को बैंक पहुंचे ग्राहकों को निराश होना पड़ा। जीटी रोड की बॉब शाखा में पहुंचे मिश्रामऊ गांव के दिव्यांग चुन्नीलाल का चेहरा चैनल पर ताला देखकर मायूस हो गया। हड़ताल से जिले में करीब 50 करोड़ का लेनदेन नहीं हो सका। लीड बैंक मैनेजर बीडी मिश्रा ने बताया कि पूरी बैंकों में हड़ताल नहंीं रही।
उधर, उत्तर प्रदेश स्टेट ग्रामीण बैंक इंप्लाइज एवं ऑफीसर्स फेडरेशन ने निजीकरण के मुद्दे पर सरकार को घेरा। बड़ौदा यूपी बैंक ऑफीसर्स एसोसिएशन व बड़ौदा यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन ने एक साथ बैठक करके सरकार की नीयत पर सवाल उठाए। अध्यक्ष योगेश त्रिपाठी ने कहा कि बैंक आफ इंडिया, सेंट्रल बैंक आफ इंडिया व महाराष्ट्र बैंक समेत छह बैंकों का सरकार निजीकरण करने जा रही है। अगर हम जागे नहीं तो वह दिन दूर नहीं जब यह सरकार ग्रामीण बैंकों का भी निजीकरण कर देगी। महामंत्री कृष्ण चंद्र वर्मा ने भी कर्मचारी हितों को लेकर हुंकार भरते हुए कर्मचारियों में जोश भरा। इस मौके पर सुखसागर, राम प्रकाश तिवारी ने भी विचार रखे।
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