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रोडवेज सेवा बस बंद होने से ग्रामीणों की बढ़ी दिक्कतें, अधिकारी बोले एक अक्टूबर से शुरू होगी सेवा

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फतेहपुर में लॉकडाउन के बाद से यमुना तिरहार के कस्बों के लिए अभी तक रोडवेज बस सेवा चालू नहीं हो सकी। यमुना किनारे के ग्रामीणों को जिला मुख्यालय आने और यहां से जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। परिवहन निगम के अधिकारी इस विषय में एक अक्तूबर से बस सेवा शुरू करने की बात कर रहे हैं।
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प्रदेश सरकार ने न्याय पंचायत स्तर पर रोडवेज बस सेवा से जोड़ने की मुहिम चलाई थी। इसमें किशनपुर, चंदापुर, प्रसिद्घपुर, असोथर कस्बा के लिए चार रोडवेज बसें चल रहीं थीं। इससे तटवर्ती गांव के करीब 50 गांव को लोगों को जिला और तहसील मुख्यालय का सफर आसान हुआ था। मार्च में लॉकडाउन के समय से रोडवेज इन बसों का संचालन बंद हो गया, लेकिन लॉकडाउन खत्म होने के बाद भी इन रूटों पर बस सेवा शुरू नहीं हो सकी। ग्रामीण रोडवेज की बस चलाए जाने की आस लगाए हुए हैं।
चंदापुर के दुकानदार सत्यप्रकाश ने बताया कि लॉकडाउन के पहले गांव तक बस आती थी। उसमें फतेहपुर से आने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होती थी। अब फतेहपुर से आने में पहले खागा आना पड़ता है। फिर विजयीपुर और उसके बाद गांव के लिए विक्रम मिलता है। चंदापुर तक रोडवेज बस आने से गिरधरपुर, मड़ौली, गंज, रारी, मठेठा, किशनपुर, अमनी समेत आसपास के दर्जनभर गांव के लोगों को राहत मिली थी।
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इसी प्रकार धाता क्षेत्र के प्रसिद्घपुर और असोथर कस्बा की बसें बंद होने से आसपास के ग्रामीणों की दिक्कत बढ़ गई है। एआरएम एमएल केशरवानी ने बताया कि डिपो की 17 बसों को कंडम घोषित कर दिया गया है। इस समय निगम की 80 और अनुबंधित 15 बसों का संचालन कराया जाता है। जिन रूटों की बसें बंद है। उसके लिए प्रयास किया जा रहा है कि एक अक्तूबर से बस का संचालन शुरू करा दिया जाए।
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