फतेहपुर जिले में अपर सत्र न्यायाधीश व पॉक्सो एक्ट के पीठासीन अधिकारी विनोद कुमार चौरसिया ने दुष्कर्म के मामले में आरोपी बहनोई को 10 साल कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। थरियांव थाना क्षेत्र के एक गांव की किशोरी (15) को 11 जून 2016 की शाम उसका बहनोई संतोष बहला-फुसलाकर कर ले गया था।
किशोरी घर से नकदी और जेवरात भी ले गई थी। परिवार के दबाव बनाने पर किशोरी को बहनोई घर छोड़ गया था। मामले में 13 जून को किशोरी की रिपोर्ट दर्ज की गई। विवेचना दौरान अपहरण और दुष्कर्म की धाराएं बढ़ाई गईं। सहायक शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि मामले में कुल छह गवाह पेश हुए।
मुकदमे की कोर्ट में सोमवार को अंतिम सुनवाई की गई। कोर्ट ने संतोष कुमार को अपहरण और नाबालिग से दुष्कर्म में 10 साल कैद और 15 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड जमा न करने पर एक साल और अतिरिक्त कारावास काटना होगा। अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को देने का आदेश किया है।