चित्रांश नगर के चिल्ड्रेन पब्लिक स्कूल (सीपीएस) की
बस का ब्रेक फेल होने से 50 बच्चों की जान पर बन आई। गनीमत रही कि बस की
स्पीड कम थी और चालक ने होशोहवास नहीं खोए। उसने बस को गिट्टी और मौरंग के
ढेर पर चढ़ाकर रोक दिया। इससे बच्चों की जान बच गई। इस बीच सर्विलांस
प्रभारी राजेश सिंह भी चिल्ला-चिल्ला कर अन्य वाहनों को बस से दूर करते
रहे।
यह हादसा गुरुवार सुबह बांदा-सागर हाईवे के 50 नंबर रेलवे लाइन
ओवरब्रिज पर हुआ। सीपीएस की बस राधानगर इलाके से क्लास दो तक के बच्चों को
ले जा रही थी।
बस में करीब 50 बच्चे थे। पौने दस बजे पुल के बीचोबीच बस का
ब्रेक फेल हो गया। गनीमत थी कि उस समय बस की स्पीड कम थी। ब्रेक न लगते देख
चालक अनिल के हाथपांव फूल गए।
उसने परिचालक शिव सिंह को जानकारी दी। शिव
सिंह किसी तरह नीचे उतरा और बस के आगे कई बार पत्थर डालकर रोकने की कोशिश
की लेकिन ढाल होने के कारण बस रुकी नहीं। ब्रेक फेल होने की जानकारी होते
ही बच्चों में चीख-पुकार मच गई।
इस बीच उधर से गुजर रहे सर्विलांस
प्रभारी राजेश सिंह ने माजरा समझा तो सन्न रह गए। उन्होंने तुरंत अपना वाहन
छोड़ा और सूझबूझ से दूसरे वाहनों को इशारा करके और चिल्लाकर दूर रुकवाते
रहे।
इसके बाद ब्रिज के नीचे आते ही बस चालक ने सड़क किनारे लगे गिट्टी और
मौरंग के ढेर पर बस चढ़ा दी। दहशतजदा बच्चे तुरंत बस से बाहर निकाले गए।
सूचना मिलते ही स्कूल प्रशासन भी मौके पर पहुंच गया।
बस को तुरंत मौके से
हटाकर स्कूल परिसर में खड़ा कर दिया गया। बड़ा हादसा टल जाने पर सभी ने
राहत की सांस ली। स्कूल के प्रबंधक सुनील श्रीवास्तव ने बताया कि अचानक
ब्रेक फेल होने से यह स्थिति पैदा हुई।
बसों के मेंटीनेंस पर पूरा ध्यान
दिया जाता है। यह कैसे हो गया, वह इसकी छानबीन करा रहे हैं। इस बाबत किसी
अभिभावक ने भी फिलहाल कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है।