आंधी से चरमराई बिजली व्यवस्था दो दिन बाद भी पटरी पर नहीं आ सकी है। शहर के कई मुहल्लों में पानी का संकट बढ़ गया है। हैंडपंप में लोग पानी भरने के लिए लाइन लगा रहे हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्र के अलग-अलग उपकेंद्रों की टूटी हाईटेंशन तार अभी तक नहीं जुड़ सकी है। इससे 50 से अधिक गांव की बिजली सप्लाई शुरू नहीं हो पाई है। जेई टूटे खंभा और क्रास आर्म मौजूद न होने की बात कर रहे हैं तो घरों में लगे विद्युत उपकरण शोपीस बने हैं।
दो दिन की लगातार आंधी से शहर के मुराइन टोला, शांतिनगर उपकेंद्र की बिजली आपूर्ति बाधित है। बार-बार मशीनें ट्रिप हो रही हैं। बिजली के आवाजाही से पेयजल समस्या भी पैदा हो गई है। शहर के चौक इलाके पानी आने का कोई समय नहीं है। लोग दिनभर पानी का इंतजार करते रहे।
वहीं ग्रामीण क्षेत्र के थरियांव उपकेंद्र के ब्रह्मनपुर फीडर की 11 हजार हाईटेंशन लाइन का तार कस्बे के अंदर बुधवार की रात आंधी में टूट गई है। इससे क्षेत्र के भारतपुर, करियामऊ, टेक्सारी बुजुर्ग, रामपुर इमादपुर, पलवा, संवत, अजईपुर, चांदपुर, रखेलपर गांव की बिजली आपूर्ति ठप है।
इसी उपकेंद्र के मंडासराय फीडर में नौबस्ता, मुरांव में बिजली के खंभे टूट गए हैं। दो दिन से बिजली सप्लाई बंद होने से लोगों के घरों में लगे पंखे, टीवी, फ्रिज, कूलर शोपीस बने हैं। भारतपुर गांव के मलखान, विनोद सिंह ने बताया कि आंधी में तार टूट गए हैं। दो दिन बीतने बाद भी जेई उपकेंद्र नहीं आए हैं।
इसी प्रकार असोथर उपकेंद्र के नरैनी फीडर की बिजली आपूर्ति बंद है। अधिशासी अभियंता आरडब्लू पॉल ने बताया कि आंधी की वजह से पूरे जिले की बिजली व्यवस्था लड़खड़ा गई है। उपकेंद्र के अवर अभियंताओं को तत्काल आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं।