भाकियू ने शुक्रवार को सूखा राहत और ओलावृष्टि से बर्बाद फसलोें के मुआवजे की मांग को लेकर तहसील परिसर में प्रदर्शन करते हुए धरना दिया। भाकियू नेताओं ने मुआवजा न वितरित होने पर शासन-प्रशासन को कोसते हुए चेतावनी दी कि एक माह में सभी किसानों को मुआवजे की धनराशि नहीं मिली तो जबरदस्त आंदोलन किया जाएगा।
जिलाध्यक्ष राजकुमार गौतम ने कहा कि किसान परेशान है। फसलों के बर्बाद हो जाने से किसान आत्महत्या करने पर मजबूर हो रहे हैं। किसान आर्थिक तंगी के कारण खरीफ की फसलों की बुवाई नहीं कर पा रहे हैं। खेत परती पडे़ हैं लेकिन शासन-प्रशासन आंख मूंदे बैठा है। मुआवजे की धनराशि भी सभी किसानों को नहीं मिल रही है। करीब दो महीनों में अभी तक एक सैकड़ा गांवों के किसानों को मुआवजा नहीं मिला है। प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप सिंह चौहान, हथगाम ब्लाक अध्यक्ष राकेश द्विवेदी, रामदत्त मिश्र और अशोक मौर्य सहित आदि किसान नेताओं ने बिजली, सड़क, पानी की समस्याओं के साथमुआवजे की जोरदार आवाज उठाई। इस मौके पर चुन्नू सिंह, तेजप्रताप सिंह, राजू लोधी, पप्पू सिंह, मलखान विश्वकर्मा, होरीलाल, विनय, अयोध्या प्रसाद, राकेश, विनोद, शिवभजन सहित करीब एक हजार किसान मौजूद रहे। धरने में पलिया, बेहटापर, कसरंाव, सेमरा मानापुर, पडरी, छिवलहा, अहिंदा, नवाजगंज, कोंदैला, सरांयसाबा सहित एक दर्जन से अधिक गांवों के किसान थे।