पत्रकारों से वार्ता करते राज्यसभा सांसद विशंभर निषाद।
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राज्यसभा सांसद विशंभर निषाद के स्वागत में सपाई आपस में भिड़ गए। मारपीट की नौबत आने पर सांसद को स्वयं आगे आकर बीचबचाव करना पड़ा। राज्यसभा सांसद ने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही भाजपा, बसपा दंगे कराती हैं। उसका एक सूत्रीय उद्देश्य हिंदुओं की सहानुभूति हासिल करना है, लेकिन अब भाजपा बेनकाब हो चुकी है। आरोप लगाया कि मथुरा कांड को भाजपा द्वारा जानबूझकर तूल दिया जा रहा है।
सांसद ने कहा कि बसपा भाजपा एक ही सिक्के दो पहलू हैं। बदायूं कांड को तूल देने सबसे पहले बसपा सुप्रीमो मायावती पहुंची थी। सवाल के जवाब में मथुरा कांड को तूल देने का आरोप भाजपा पर मढ़ा। उन्होंने कहा घटना का जायजा लेने मुख्यमंत्री स्वयं पहुंच चुके हैं। ऐसी हालत में उनका कोई भी टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
कहा कि अच्छे दिन दिखाने वाले संगम नहा रहे हैं। सपा ने अपने चुनावी वादे पूरे कर दिखाए हैं, जबकि भाजपा के वादे संगम गोता लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता गंभीरता दिखाएं और छोटी-छोटी बातों को तूल देना बंद कर दें, जिससे आपसी लड़ाई से बचा जा सके।
राज्यसभा सांसद मंगलवार को दूसरी बार राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद जिले में पहुंचे। सादीपुर स्थित पार्टी जिला कार्यालय में इस दौरान दो सपाइयों की भिड़ंत हो गई। जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ने भिड़ने वाले दोनों सपाइयों को कार्यालय से बाहर कर दिया। इस मौके पर पार्टी पदाधिकारी समेत सैकड़ों सपाई मौजूद रहे।