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बड़ी राहत: फिर चलेगा सालिड वेस्ट प्लांट

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शहर में जगह-जगह फैले कूड़े और गंदगी से जल्द निजात मिलेगी। नौ साल से बंद सॉलिड वेस्ट प्लांट संचालित करने के लिए शासन ने हरी झंडी दे दी है। प्लांट की मरम्मत के लिए पांच करोड़ 37 लाख की धनरशि 15वें वित्त से जारी की गई है। जल्द प्लांट मरम्मत का काम शुरू होने वाला है। प्लांट चलने से नगर पालिका को कूड़ा निस्तारण की समस्या से निजात मिल जाएगी।
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नगर पालिका ने शहर से प्रतिदिन निकलने वाले करीब 52 टन कूड़े से खाद बनाने के लिए 10 साल पहले सॉलिड वेस्ट प्लांट का निर्माण कराया था। करीब 16 करोड़ की लागत वाला यह प्लांट बनकर तैयार होते ही संचालन के लिए संस्था एटूजेड के सुपुर्द कर दिया गया था।
समझौते के आधार पर संस्था को घरों से कूड़ा एकत्र कर अपने संसाधनों से प्लांट लाकर खाद तैयार कर बाजार में बिक्री करनी थी। संस्था ने समझौते से इतर एक दिन भी कूड़े का उठान शहर से नहीं कराया।
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इस दौरान नगर पालिका अपने संसाधनों से कूड़ा प्लांट पहुंचाती रही। कुछ महीने में संस्था ने नगर पालिका से प्लांट के बिजली का बिल भुगतान करने की मांग की। नगर पालिका ने बिल की अदायगी नहीं की। इस पर संस्था प्लांट में ताला बंद कर गायब हो गई।
प्लांट में सुरक्षा की व्यवस्था न होने के कारण प्लांट के तांबे और पीतल के कीमती पुर्जे और बैटरी लोग खोल ले गए। यहां पर नगर पालिका ने कूड़ा डंपिंग सेंटर बना दिया। ऐसे में शहर में निकलने वाले कूड़ा कचरे के निस्तारण की समस्या करोड़ों खर्च के बाद भी दूर नहीं हो पाई।
दो साल पहले तत्कालीन डीएम आंजनेय कुमार सिंह ने प्लांट चलवाने के लिए शासन को लिखा पढ़ी की थी।
इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में पड़ा रहा। अमर उजाला समय-समय पर नगर पालिका की कूड़ा निस्तारण की समस्या उठाता रहा। अभी एक दिसंबर के अंक भी इस समस्या को उठाया था। सप्ताहभर पहले शासन ने 15वें वित्त में पांच करोड़ 37 लाख की धनराशि भेजी है। इसके साथ ही निर्देश आया है कि इस धनराशि से सॉलिड वेस्ट प्लांट की मरम्मत कराकर संचालित किया जाए।
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