काफी दिनों से टल रही जिला पंचायत बोर्ड की पहली बैठक शनिवार को सभागार में हुई। इस वजह से सदन में मौजूद लोगाें ने प्रस्ताव की बौछार लगा दी। मूल बजट 30 करोड़ 10 लाख 50 हजार के सापेक्ष 74 करोड़ 80 लाख 50 हजार रुपये के पुनरीक्षित बजट पर सर्वसम्मति की मोहर लगी। उधर, गर्मी में पेयजल की समस्या को देखते हुए यह तय हुआ कि अब हर डीडीसी अपने क्षेत्र में पांच नए हैंडपंप और इतने ही रिबोर करा सकेंगे। इसके साथ ही प्रधानमंत्री सड़क योजना के शिलापट पर अब डीडीसी का भी नाम होगा।
जिले की सबसे बड़े सदन की यह बैठक विकास का आईना दिखाने वाली रही। जिला पंचायत अध्यक्ष निवेदिता सिंह ने गृहणी जीवन से बाहर पहली बार किसी सदन की अध्यक्षता की। जिला पंचायत सदस्य नरसिंह पटेल ने गर्मी में गहराने वाले पेयजल संकट का मामला रखा। जिस पर अध्यक्ष ने नए हैंडपंप व रिबोर कराना तय कर दिया। प्रधानमंत्री सड़क योजना में नाम न दर्ज होने का मामला भी नरसिंह ने ही उठाया।
इसके अलावा पांच साल के भीतर बदहाल हुई विजईपुर-धाता रूट के मामले में ठेकेदार से 40 करोड़ रुपये की वसूली का फरमान जारी हुआ। बैठक में सीडीओ रामाश्रय, सीएमओ डॉ. विनय कुमार पांडेय, बीएसए विनय कुमार, अपर मुख्य अधिकारी विपिन पंत मौजूद रहे।
जिला पंचायत बोर्ड की इस बैठक में चार छूटे सदस्योें को शपथ दिलाई गई। अध्यक्ष निवेदिता सिंह ने डीडीसी अवलेश देवी, नितिन यादव, अमरजीत व हनुमान सिंह को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाकर विकास में भागीदार बनने की अपील की।
पहली बोर्ड बैठक से किनारा करने वाले हाईडिल के एक्सईएन फर्स्ट व सेकेंड का एक-एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया गया। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के भी न आने से इनका भी वेतन काटने की संस्तुति हुई। हालांकि बैठक में विभाग का प्रतिनिधि आया था।
जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में एक ओर जहां सदस्यों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया तो वहीं पांच महिला सदस्य नदारद थी। जिसमें शिमला देवी, किरन यादव, नीतू यादव, ऊषा देवी व प्रेमा देवी के नाम शामिल हैं। हालांकि प्रेमा देवी के बजाय उनके पति आए थे।
बोर्ड की पहली बैठक मेें होली की रंगीनियत भी छाई रही। प्रतिनिधियों ने एक दूसरे को अबीर और गुलाल लगा कर होली की बधाई दी।