दैवी आपदा से बर्बाद व कर्ज में डूबे किसान ने रविवार की रात घर के अंदर लगे जामुन के पेड़ पर फांसी लगा कर जान दे दी। गांव में ही एक कार्यक्रम से लौटी पत्नी ने दरवाजा न खुलने पर शोर मचाना शुरू किया। तब घटना की जानकारी हो सकी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
बिंदकी तहसील क्षेत्र के चांदपुर थाना क्षेत्र के मवईधाम निवासी पांच बीघा के काश्तकार जगदीश कुरील (35) पुत्र स्व. चंद्रपाल पर बैंक आफ बड़ौदा दपसौरा से बने किसान क्रेडिट कार्ड का 50 हजार रुपया व भूमि विकास बैंक का कर्जा था। बेमौसम बरसात व ओलावृष्टि से तबाह हुई फसल का प्रशासन स्तर से कुछ दिन पहले मवईधाम में किसानों को मुआवजा बांटा गया था, लेकिन मुआवजे की रकम जगदीश को नहीं मिली थी। बैंक का कर्जा अदा करने का दबाव व मुआवजे न मिलने से जगदीश परेशान रहता था। रविवार को जगदीश के घर के पास एक सजातीय विवाह कार्यक्रम था। इस कार्यक्रम में जगदीश की पत्नी राधा देवी हिस्सा लेेने गई थी। खुद को अकेला पाकर किसान ने जान देने का फैसला कर डाला। रात साढ़े नौ बजे पत्नी वैवाहिक कार्यक्रम से लौटने के बाद घर का दरवाजा खटखटाया। दरवाजा न खुलने पर शोर मचाने पर जुटे पड़ोसियों ने दरवाजे से झांका घर के अंदर लगे जामुन के पेड़ पर अंगौछा से किसान का शव लटकता मिला।
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साल भर में उजड़ गई मांग
अमौली। चांदपुर के मवईधाम के किसान जगदीश कुरील से साल भर पहले जहानाबाद के छोटे लाल ने बेटी राधा का ब्याह किया था। जगदीश के पिता चंद्रपाल की मौत विवाह हो चुकी थी जबकि मां ने कई साल पहले दुनिया छोड़ दी थी। ऐसे में घर की जिम्मेदारी जगदीश पर ही थी। जगदीश की मौत से राधा की मांग उजड़ गई।
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अंतिम संस्कार को जुटाया चंदा
अमौली। मवईधाम के किसान जगदीश कुरील के फांसी लगा करके जान देने के बाद कफन के पैसा का प्रबंध चंदा से किया गया। ग्रामीण सुशील सिंह ने बताया कि पड़ोसियों ने ऐसी घड़ी में मदद के लिए हाथ बढ़ाए हैं।
15 घंटे से ज्यादा फांसी
पर लटकता रहा शव
सूचना के बाद भी नहीं पहुंचे अधिकारी, लेखपाल पर धांधली का आरोप
फतेहपुर। किसान जगदीश कुरील का शव 15 घंटे से ज्यादा समय तक पेड़ पर लटकता रहा। ग्रामीण, पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों से संपर्क साधते रहे, लेकिन नहीं पहुंचा। दोपहर दो बजे पंचनामा भरने पहुंचे पुलिस चौकी इंचार्ज के सामने ग्रामीणों ने रोष जाहिर किया। ग्रामीणों ने बताया कि चांदपुर के थानेदार सूचना नहीं मिलने की बात कह करके पंचनामा भरने से कन्नी काटते रहे। उधर, एसडीएम बिंदकी जेएन सचान ने किसान के आत्महत्या की जानकारी अमर उजाला से मिलने के तत्काल बाद पुलिस को मौके पर भेजने की बात कही। जबकि स्थानीय पुलिस एसडीएम के आश्वासन के चार घंटे बाद मौके पर पहुंची। पुलिस व प्रशासन की उदासीनता से आहत ग्रामीणों ने दपसौरा चौकी इंचार्ज से पीड़ा बयां करने के साथ ही लेखपाल पर फसल सर्वे में धांधली बरतने का आरोप लगाया।