नगर विकास मंत्री आजम खां ने लेखपाल के खिलाफ जो बयानबाजी की है, उससे लेखपालों में आक्रोश है। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की सदर तहसील इक ाई के लेखपालों ने उप जिलाधिकारी के माध्यम मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है।
29 जुलाई को मुरादाबाद की तहसील बिलारी में नगर पालिका भवन में शिलान्यास कार्यक्रम पर नगर विकास मंत्री ने लेखपाल को समाज का सबसे गंदा व्यक्ति कहकर पूरे संवर्ग को अपमानित किया। लेखपाल संघ सदर तहसील के अध्यक्ष रमेश चंद्र मिश्रा के नेतृत्व में लेखपालों का प्रतिनिधि मंडल कलक्ट्रेट पहुंचा और उप जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
बताया कि लेखपाल संवर्ग राजस्व विभाग का महत्वपूर्ण व सम्मानित संवर्ग है। लेखपाल शासन की किसानों व ग्रामीणों से संबंधित सभी योजनाओं व नीतियों के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भूलेख संबंधी कार्यों के साथ अन्य विभागों के कार्यों में भी सहयोग करता है। लेखपालों ने मुख्यमंत्री से ऐसे अमर्यादित टिप्पणी पर रोक लगाने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में तहसील मंत्री रामचंद्र मौर्य, धर्मपाल सिंह, संतोष कुमार, सुरेंद्र श्रीवास्तव, अनिल कुमार, शिव कुमार समेत काफी संख्या में लेखपाल मौजूद रहे।
खागा। प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर तहसील लेखपाल संघ ने मंगलवार को नगर विकास मंत्री आजम खान की अभद्र टिप्पणी के खिलाफ कार्य बहिष्कार व विरोध प्रदर्शन किया। लेखपाल संघ के अध्यक्ष ज्ञान कुमार सिंह ने कहा कि कैबिनेट मंत्री आजम खान ने लेखपालों को समाज का सबसे गंदा व्यक्ति कहा है, जो अशोभनीय है। उन्होंने कहा कि मंत्री को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाए। इस मौके पर मंत्री लक्ष्मीकांत तिवारी, राजस्व निरीक्षक महेंद्रनाथ त्रिपाठी, शिवनारायण अग्निहोत्री आदि ने विचार व्यक्त किए। धरना प्रदर्शन में क्षेत्रपाल सिंह, फहीम अहमद, ताहिर हुसेन, गिरीशचंद्र मिश्र, सुरेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, राजबहादुर गिरी, रामप्रताप तिवारी सहित आदि लेखपाल मौजूद रहे।