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Fatehpur News: फर्जी बैनामे और मृत्यु प्रमाणपत्र से पैतृक जमीन हड़पने की कोशिश

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फतेहपुर। राधानगर थाना क्षेत्र के गौरी गांव में ग्रामीण ने चचेरे भाई पर 45 साल पुराने फर्जी बैनामे और फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र के जरिये पैतृक जमीन हड़पने का आरोप लगाया है। पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार करने, सरकारी अभिलेखों में हेराफेरी समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
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गांव निवासी गौरी निवासी देवेंद्र कुमार ने ताऊ रामजियावन के भाई बच्चू की कोई संतान नहीं थी। उनकी पांच सितंबर 1980 को मृत्यु हो गई थी। इसके बाद उनकी संपत्ति कानूनी तौर पर भाइयों, शिवसागर और महादेव, के नाम आनी थी।
आरोप है कि महादेव के पुत्र सीताराम ने साजिश के तहत बच्चू को जीवित दर्शाते हुए फर्जी दस्तावेज तैयार कर 30 सितंबर 1980 को गौरी स्थित भूमि का बैनामा अपने और अन्य लोगों के नाम करा लिया। जबकि बच्चू की मौत 25 दिन पहले ही हो चुकी थी। सीताराम के पिता महादेव ने पहले ही बच्चू का मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कराया था।
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बच्चू की मौत के बाद उनकी जमीन राजस्व अभिलेखों में शिवसागर और महादेव के नाम आधी-आधी दर्ज हुई। दोनों की मृत्यु के बाद उनके उत्तराधिकारियों राजेंद्र, अशोक कुमार, जय सिंह, बबलू, सीताराम, श्रीराम, चन्द्रकिशोर, धनराज, श्याम सुंदर और स्व. राधेश्याम की पत्नी इन्द्ररानी के नाम अलग-अलग हिस्से दर्ज हैं।
देवेंद्र ने बताया कि 17 जून को जब वह अपने हिस्से की जमीन की जुताई करने पहुंचे तो सीताराम ने 30 सितंबर 1980 का कूटरचित बैनामा असली दस्तावेज बताकर पेश किया। आरोप है कि सीताराम ने बच्चू की मृत्यु 11 अक्तूबर 1980 दर्शाकर 29 जून 2005 को नगर पालिका परिषद से मृत्यु प्रमाणपत्र भी जारी करा लिया। जांच में प्रमाणपत्र फर्जी मिलने पर नगर पालिका ने छह सितंबर 2025 को उसे निरस्त कर दिया।
प्रभारी निरीक्षक श्याम सुंदर श्रीवास्तव ने बताया कि फर्जी बैनामा, फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने, सरकारी अभिलेखों से छेड़छाड़, अवैध कब्जे के प्रयास, गाली-गलौज और धमकी देने के आरोप में सीताराम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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