नोट बंदी के बाद कैश की समस्या कम नहीं हो रही। उपभोक्ताओं को 24 घंटे सुविधा के लिए बनाए गए एटीएम तो डिब्बा बनकर रह गए हैं। कोई दो दिन से तो कोई हफ्तों से कैश न होने से बंद पड़े हैं।
पत्थरकटा स्थित एटीएम बूथ
दोपहर 11 बजकर 34 मिनट पर शहर के पत्थरकटा स्थित स्टेट बैंक के समीप एटीएम बूथ का शटर बंद मिला। समीप ही चाय की दुकान खोले रोहित ने बताया कि शनिवार को कै श डाला गया था। इसके बाद से एटीएम नहीं खुला है।
खुलने का इंतजार करते लोग
समय दोपहर 12 बजकर दस मिनट पर पीलू तले स्थित आईसीआईसीआई बैंक भी बंद मिला। यहां कैश के इंतजार में बैठे मोहम्मद मोहसिन, मोहम्मद सलीम, मोहम्मद शकील ने बताया कि कैश निकालने आए थे लेकिन यहां तो शटर बंद है।
कैश नहीं, इसलिए बंद
12 बजकर 40 मिनट पर वर्मा चौराहा स्थित यूनियन बैंक के एटीएम का शटर बंद मिला। गार्ड ने बताया कि कैश नहीं है इसलिए एटीएम बंद है। पिछले पांच दिनों से बंद ही चल रहा है। मोना शुक्ला, रोशनी ने बताया काफी दिक्कत है।
शुक्रवार से कैश नहीं मिला
1:10 बजे आईटीआई रोड स्थित बैंक आफ बड़ौदा का बंद एटीएम लोगों को मुंह चिढ़ाता रहा। एटीएम के सामने सर्विस सेंटर की दुकान खोले राजेंद्र सिंह ने बताया शुक्रवार की रात कैश डाला गया था। उसके बाद से एटीएम बंद है।
घने कोहरे के बीच सर्दी के सितम के साथ कैश की किल्लत मुसीबत बनी है। जेब ठंडी होने के साथ ही लोगों को लाइन में लगकर शरीर भी ठंडा करना पड़ रहा है। सोमवार को बैंकों में कैश के लिए उपभोक्ताओं को चिकचिक करनी पड़ी।
शीतलहर में लोग बैंकों व एटीएम के बाहर लंबी लाइन में ठिठुरते रहते हैं। इसके बाद भी कई उपभोक्ताओं का नंबर आते-आते कैश ही खत्म हो जाता है। कचहरी स्थित बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में कैश के लिए लोगों की लंबी लाइन लगी रही। यहां सफाई कर्मियों का वेतन आता है, इसलिए कर्मचारी वेतन निकालने के लिए लाइन में लगे रहे। इसी प्रकार पंजाब नेशनल बैंक में कैश के लिए मारामारी रही। आईटीआई रोड स्थित बैंक आफ बड़ौदा में महिलाओं और पुरुषों की लंबी लाइन लगी रही। यूनियन बैंक में सुबह से लोगों की जबरदस्त भीड़ रही।
एसबीआई ने खड़े किए हाथ
फतेहपुर। प्रधान डाकघर में पिछले छह दिनों कैश नहीं है। जिससे लोग बिना कैश लिए लौट रहे हैं। डाकघर में नो कैश का बोर्ड लगा है। सोमवार को भी स्टेट बैंक ने कैश देने में असमर्थता जताई। जिससे डाक कर्मी लौट आए। डाकघर में कैश लेने पहुंचे लोग निराश होकर लोटे। पोस्ट मास्टर केपी सिंह ने बताया कि एसबीआई की मैनेजर ने कैश देने से मना कर दिया है।
कैश की समस्या से परेशान लोगों ने गाजीपुर चौराहे में जाम लगा दिया जिससे यातायात प्रभावित रहा। एसबीआई बैंक शाखा में पिछले चार दिनों से कैश नहीं है। सोमवार को लोगों के सब्र टूट गया। नाराज उपभोक्ताओं ने चौराहे पर जाम लगा दिया। साथ ही बैंक में ताला लगा दिया। हालांकि बाद में पांच लाख कैश आने पर दिया गया, तब जाम खुला। बैंक मैनेजर नीलेश रस्तोगी ने बताया चार दिन से कैश नहीं आया है, इसलिए दिक्कत है।
बैंक आफ बड़ौदा हुसेनगंज में जमरावां के अंशु सिंह और नैन का पुरवा निवासी कल्लू सिंह ने कैश की समस्या देखते हुए दो लाख साठ हजार रुपये कैश जमा किया। अंशू सिंह और कल्लू दोनों पेट्रोल पंप संचालक हैं। उन्होंने दो हजार, 50, 100 की नोट जमा कराई। शाखा प्रबंधक राजाराम वर्मा ने कहा ये पैसा जमा होने से जनता को बांटेंगे।
नगर के बीओबी और विजयीपुर शाखा में सोमवार को गेट न खुलने से ग्राहकों ने करीब एक घंटा जमकर हंगामा किया। पुलिस को उन्हें शांत कराने में मशक्कत करनी पड़ी। गेट खुलने पर ही हंगामा शांत हुआ। बीओबी शाखा में नौ बजे से ही ग्राहकों की भीड़ जमा हो गई थी। गेट खुलते ही कुछ ग्राहक अंदर घुस गए। भीड़ अधिक होने से शाखा प्रबंधक ने गेट बंद करवा दिया। ग्राहक रामशरन, अभिषेक, मंजू देवी और अरविंद ने आरोप लगाया कि बैंक कर्मी अपने चहेतों को अंदर बुलाकर भुगतान कर रहे थे। शाखा प्रबंधक उमेशचंद्र ने बताया कैश मात्र दस लाख रुपये था। कर्मचारियों को भी वेतन का भुगतान करना था। ग्राहक अधिक थे। जिससे गेट बंद करवा दिया गया था।
नगर के एसबीआई शाखा में कैश कम होने से ग्राहकों को मात्र दो व एक हजार तक का भुगतान किया गया। ग्राहक मनीष, शिवप्रकाश, शीतला सहाय, जगजीवनराम और कुसुमा आदि ने बताया कि 12 बजे तक दो हजार का भुगतान हो रहा था। इसके बाद एक हजार का भुगतान होने लगा। चार बजे के बाद भुगतान देना ही बंद कर दिया गया। शाखा प्रबंधक सुनील कुमार ने बताया कि कैश कम होने की वजह से सभी को भुगतान नहीं दिया गया।
नोट बंदी के 27वें दिन एसबीआई शाखा में सोमवार को पहली बार एक व्यापारी ने पांच लाख रुपये जमा किए। इसके पहले किसी व्यापारी और ग्राहक ने इतनी बड़ी धनराशि नहीं जमा कराया है। शाखा प्रबंधक सुनील कुमार ने बताया कि दिनेश चंद्र अग्रहरी ने जो नोट जमा कराया उसे लोगों को दिया जाएगा।
जनधन खाता खुलवाने में भीड़ लग रही है। सोमवार को पीएनबी के ग्राहक सेवा केंद्र में सुबह से लेकर शाम चार बजे तक भीड़ जमा रही। महिलाओं की तादात अधिक थी। खाता खुलवाने आई संगीता, रूकसाना, और रामभवन, मोहम्मद अफजल ने बताया हम लोग तीन दिनों के बाद भी अभी तक आवेदन फार्म नहीं जमा कर सके हैं।
स्वाइप मशीन, फास्ट टैग मशीन और पेटीएम से भुगतान की वजह से पेट्रोल पंपों और टोल प्लाजा में पर नोट बंदी का कोई विशेष असर नहीं है। आसानी से लोग भुगतान कर रहे हैं। टोला प्लाजा के सभी आधार दर्जन बूथों में स्वाइप और फास्ट टैग मशीनें मौजूद हैं। टोल प्लाजा प्रबंधक आरबी सिंह ने बताया कि पांच सौ का पुराना नोट लिया जा रहा है। 15 दिसंबर तक लिए जाएंगे। स्वाइप मशीन के भुगतान की वजह से काफी आसानी हो गई है।
समाजवादी छात्र सभा ने सोमवार को नोट बंदी से हो रही समस्याओं के बारे में एक चार सूत्री ज्ञापन राष्ट्रपति को भेजा है। ज्ञापन में मांग की गई कि नोट बंदी की वजह से मरने वालों के आश्रितों को मुआवजा दिया जाए। गरीब परिवारों को मुफ्त मेें राशन व बैंकों में पर्याप्त कैश उपलब्ध कराया जाए। इस मौके पर जिला सचिव परवेज आलम, विधानसभा अध्यक्ष तौफीक अहमद, जिला उपाध्यक्ष मोहम्मद शमीम, अंशू यादव, भूपति सोनी, कृष्ण कुमार, रावेंद्र सिंह, मोहित मौर्य राहुल विश्कर्मा, ज्ञानसिंह, मोहम्मद गजाली आदि रहे।