फतेहपुर। एटीएम और साइबर फ्राड से पीड़ित लोगों के लिए राहतभरी खबर है। बैंक कर्मियों ने बीमा कंपनी से क्लेम के जरिए पीड़ित महिला खाताधारक को धोखाधड़ी कर निकाले गए उसके 17 हजार रुपये वापस दिलाए। रकम मिलने पर महिला की खुशी का ठिकाना न रहा।
शहर के जयरामनगर निवासी आरती देवी ने दो माह पहले रेलवे स्टेशन के एसबीआई एटीएम बूथ पर एक हजार रुपये निकाले थे। इसी दौरान महिला के एटीएम की क्लोनिंग हो गई। उसके खाते से पीएनबी सिविल लाइन और इलाहाबाद बैंक के खाते से तीन बार में 17 हजार की रकम पार कर दी गई थी। महिला का खाता बैंक ऑफ बड़ौदा यूपी ग्रामीण बैंक शाखा जयराम नगर चौराहा में हैं। बैंक मैनेजर कृष्णचंद्र ने बताया कि महिला के खाते और एटीएम कार्ड का बीमा बैंक की ओर कराया गया था। जांच में फ्राड से रुपये निकालने की पुष्टि हुई। तभी मामले को क्लेम विभाग में भेजा गया। उसकी 17 हजार की रकम क्लेम कराई गई। महिला को शनिवार को रकम वापस क्लेम विभाग से आई है। उसकी पासबुक में इंट्री की गई। महिला का रुपये मिलने से खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उसने बताया कि वह कभी भी एटीएम इस्तेमाल नहीं करेगी। पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। बैंक मैनेजर और उनकी सहायक आनम खानम व शिवानी बाजपेई की वजह से रुपये मिल सके। उसने बैंक के इस काम प्रशंसा की। बैंक मैनेजर ने बताया कि करीब छह माह पहले मुकेश कुमार भारती शिक्षक के खाते से पचास हजार एटीएम के जरिए फ्राड हुआ था। वह भी जयराम नगर में रहते हैं। उन्हें भी रकम वापस कराई गई है।