आदर्श रेलवे स्टेशन का इलेक्ट्रानिक रनिंग डिस्प्ले तक भ्रामक जानकारियां दे रहा है। रनिंग डिस्प्ले से ट्रेनों की सही समय की जानकारी नहीं मिल पा रही है। यात्री भ्रामक जानकारी के झांसे में आकर ट्रेनें तक छोड़ बैठते हैं। ट्रेनों की जानकारी संबंधी यात्रियों के पास सिर्फ पूछताछ केंद्र है।
आदर्श रेलवे स्टेशन मेें कामनहॉल के मुख्य द्वार के दोनों छोर में ट्रेनों के आने और जाने की जानकारी देने के लिए करीब दो साल पहले इलेक्ट्रानिक रनिंग डिस्प्ले लगाई गई थीं।
शुरुआत में तो डिस्प्ले से सही जानकारी मिलती रहीं, बाद में रेलवे प्रशासन की लचरता से ये भ्रम पैदा करने लगे। हालात यह है कि एक बार समय फीड होने के बाद दोबारा नहीं बदला जाता है, जिसके कारण यात्रियों को ट्रेनों के आने और जाने का सही समय का पता नहीं चल पाता हैं।
आदर्श रेलवे स्टेशन का सूचना तंत्र यात्रियों के गले की फांस बन कर रह गया है। ट्रेन के प्लेटफार्म में रुकने से पांच मिनट पहले ही एनाउंसमेंट के जरिए गाड़ी के सही समय का पता चल पाता है।
कानपुर जा रहे व्यापारी अंकित कुमार का कहना है कि रेलवे की लापरवाही से इलेक्ट्रानिक रनिंग डिस्प्ले में ट्रेन की सही समय फीड न होने से ट्रेन संबंधी सही जानकारियां नहीं मिल पा रहीं हैं।
फर्रुखाबाद की फूलवती बताया कि न तो इस स्टेशन में ट्रेन के आने का एनाउंसमेंट हो रहा है और न ही डिस्प्ले ही सही समय दिखा रही है।
गुरुवार को स्क्रीन डिस्प्ले को देख कर तमाम यात्री कुछ इसी तरह की पीड़ा उजागर करते सुने गए। आदर्श रेलवे स्टेशन में गोरखपुर से अनवरगंज-कानपुर तक चलने वाली चौरीचौरा एक्सप्रेस ट्रेन का स्टेशन में आने का समय 10 बजकर 30 मिनट है।
जबकि जाने का समय 10 बजकर 35 है। यह ट्रेन दोपहर 12 बजकर 40 मिनट पर स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर तीन में आई। जबकि इस दौरान भी रनिंग डिस्प्ले में चौरीचौरा एक्सप्रेस के आने का समय 11 बजकर 30 मिनट दिखाया जा रहा था।
इसी प्रकार इलाहाबाद से फर्रुखाबाद तक का अप डाउन करने वाली पैंसेंजर गाड़ी के आने का समय नौ बजकर 5 मिनट है। इस गाड़ी के आने का समय दोपहर 12 बजकर 40 मिनट पर 12 बजकर 9 मिनट दिखाया जा रहा था।
स्टेशन अधीक्षक आरएल प्रसाद का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक रनिंग डिस्प्ले से सिर्फ ट्रेनों के आने और जाने का अनुमान लगाया जा सकता है।