सेना रैली भर्ती में अभ्यर्थियों को फर्जी दस्तावेज मुहैया कराने वाला गिरोह समूचे प्रदेश में सक्रिय है। यह लोग जहां भी भर्ती होती है वहां पहुंच जाते हैं और संबंधित जिले के अफसरों की फर्जी मुहर तैयार करा लेते हैं। इसके बाद अभ्यर्थियों से पैसा लेकर उन्हें थोक के भाव प्रमाण पत्र जारी करते हैं। यह खुलासा हुआ है जिले में पकड़े गए गैंग से।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में चारों युवकों ने यहां पर कन्नौज जिले के अभ्यर्थियों की सेना भर्ती में आए थे। उन लोगों को बोलचाल की भाषा और कन्नौज के अभ्यर्थियों की भाषा मिलती जुलती है। इसका फायदा उठाकर अभ्यर्थियों के हमदर्द बन जाते हैं। तमाम अभ्यर्थियों के पास पूरे दस्तावेज नहीं होते हैं। उन्हें फटाफट दस्तावेज तैयार करके मुहैया करा देते हैं और रुपये ऐंठ लेते हैं। इसी वजह से पश्चिमी यूपी के जिलों में ही सक्रि य रहते हैं। उन्होंने पश्चिमी यूपी के जिलों में पिछले दिनों हुई सेना रैलियाें में भी फर्जी दस्तावेज अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराए थे।
फौज में तैनात मास्टरमाइंड के साले की है सेंट्रो कार
फतेहपुर। सेना रैली में अभ्यर्थियों को फर्जी दस्तावेज देने वाले गिरोह के सरगना प्रमोद कुमार चौधरी पुत्र जगदीश सिंह का साला फौज में तैनात है। आरोपियों के पास से बरामद दिल्ली नंबर की सेंट्रो कार में आर्मी दर्ज है। उस कार की पड़ताल में पुलिस को पता चला है कि गिरोह के मास्टरमाइंड प्रमोद चौधरी के साले की सेंट्रो है।