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Fatehpur News: चालान में जुटी अधिकारियों की फौज, ई-रिक्शा चालक उड़ा रहे मौज

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फतेहपुर। शहर में सुगम यातायात को लेकर एक अप्रैल से 30 अप्रैल तक यातायात की ओर से अभियान चलाया गया। एक माह में 365 ई-रिक्शों को सीज और 145 का चालान किया गया। ई-रिक्शों का न रूट तो निर्धारण किया गया और न ही उनकी सही संख्या बताई गई। विभाग ने कागजी कोरम पूरा किया। इससे शहर में ई-रिक्शों के कारण लगने वाले जाम से लोग हर रोज परेशान हो रहे हैं।
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जिले के करीब सात हजार ई-रिक्शों का पंजीकरण है। वहीं शहर के अंदर ही लगभग छह हजार ई-रिक्शे सड़कों पर दौड़ रहे हैं। जिले में इनकी संख्या 15 हजार से भी अधिक है। शासन के निर्देश पर अवैध ई-रिक्शों पर लगाम लगाने लिए अप्रैल माह में प्रशासनिक अधिकारियों ने बैठक कर पंजीकरण कराने, पंजीकृत ई-रिक्शों के लिए मार्ग निर्धारण व स्टैंड को लेकर तैयारी की थी। कार्रवाई करने के नाम पर एक माह में ई-रिक्शों को सीज और चालान कर करीब ढाई लाख रुपये जुर्माना वसूल कर कोरम पूरा कर लिया। लेकिन स्टैंड की व्यवस्था व मार्ग का चयन अब तक नहींं कर पाए हैं। इस कारण ई-रिक्शा चालकों का जहां मन करता है वहीं रोक कर सवारी भरने लगते हैं। जिससे जाम की स्थिति बन जाती है। राहगीरों का पैदल चलना मुश्किल हो गया है। हालत यह है कि आए दिन राहगीरों और रिक्शा चालकों के बीच कहासुनी और हाथापाई की नौबत बन जाती है। स्थानीय निवासी रवि शुक्ला का कहना है कि प्रशासन ने अभियान जरूर चलाया, लेकिन जमीन पर कोई असर नहीं दिखा। हर चौक-चौराहे पर ई रिक्शों का जमघट लगा रहता है। व्यवस्थित संचालन के अभाव में ई-रिक्शा न केवल ट्रैफिक में बाधा बन रहे हैं, बल्कि राहगीरों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बनते जा रहे हैं।
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