धाता। बिजली कटौती से गुस्साए किसानों ने शुक्रवार को उपकेंद्र का घेराव किया। करीब 10 गांवों के किसानों ने बिजली विभाग के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों का कहना है कि बिजली न मिलने से सिंचाई का नुकसान हो रहा है।
किसानों ने कहा कि धाता उपकेंद्र के चार फीडर को बारी-बारी से 24 घंटे के अंतराल में बिजली दी जा रही है। इसमें भी बार-बार ट्रिपिंग होती है। इससे बिजली की आवाजाही बनी रहती है। सोनारी फीडर से बीते दो दिन में 10 घंटे भी बिजली नहीं मिल रही है। बता दें कि धाता उपकेंद्र में हरदवां, सोनारी, धाता व जाम फीडर है।
हर फीडर के गांवों को 24 घंटे के अंतराल में बिजली दी जा रही है। जो बिजली मिलती है तो वह लो-वोल्टेेज, ट्रिपिंग और कटौती की भेंट चढ़ जाती है। बिजली न मिलने से रोपाई व बुआई का काम बी प्रभावित है। उस बारिश न होने से भी समस्या बनी हुई है। किसान अरहर, उड़द आदि की बुआई नहीं कर पा रहे हैं। धान की भी रोपाई अभी तक 25 फीसदी ही हो पाई है।
किसानों ने कहा कि उपकेंद्र से पर्याप्त बिजली दी जाए, जिससे किसानों को सिंचाई का पानी मिल सके। जेई चंद्रमा प्रसाद ने किसानों से कहा कि लो-वोल्टेज व तार टूटने के कारण हर फीडर में लोड कम करने के लिए कम आपूर्ति की जा रही है। निर्बाध आपूर्ति के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है। जैसे ही जवाब आता है, सप्लाई ठीक कर दी जाएगी। इसके बाद किसान शांत हुए।