फतेहपुर। चिटफंड कंपनी संचालकों ने सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक रामपाल रावत से निवेश के नाम पर पांच लाख सात हजार रुपये की धोखाधड़ी की। मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सदर कोतवाली सिविल लाइन के पास रहने वाले सेवानिवृत रामपाल रावत ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2013 में शहर के सिविल लाइन में इनरिच मिच्युअल बेनीफिट फंड लिमिटेड नामक कंपनी संचालित थी।
कंपनी के निदेशक रामबाबू सिंह ने उनको 2013 में निवेश करने पर अच्छा लाभ मिलने के झांसा दिया। कंपनी का एजेंट सुनील कुमार अग्रहरी था जिसने उनके और उनके पुत्र-पुत्री के नाम से 2013 से 2019 तक पांच लाख सात हजार 364 रुपये का निवेश करवाया।
निवेश की एवज में एक चेक दिया गया जो बाद में बैंक में बाउंस हो गया। वहीं कंपनी भी 2024 में बंद हो गई। वर्तमान में रामबाबू आगरा के राममनोहर बिहार अमन वाटिका सौफिटा रोड दयालबाग में कंपनी संचालित कर रहा है। लाभांश का झांसा देकर काफी संख्या में लोगों से करोड़ों की ठगी की है। कोतवाल हेमंत मिश्रा ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।