औंग थाना क्षेत्र के करचलपुर निवासी संजय का बेटा अमित साहू कानपुर में जनरल स्टोर की दुकान चलाता है। उसकी तीन पत्नियों ने रविवार को औंग थाने में हंगामा काटकर आरोपी की शिकायत दर्ज कराई थी। वह शादियों के बाद एक-एक कर सभी से किनारा करता रहा।
पहली शादी सुशीला मलवां थाने के कुंवरपुर गांव निवासी के साथ हुई थी। 2010 हिंदू रीति रिवाज से शादी की। आरोप है कि उसने सुशीला को इतना प्रताड़ित किया वह खुद भागकर मायके आ गई। 2012 में दहेज में बाइक और सोने की जंजीर के खातिर प्रताड़ित करने का वाद दाखिल किया। जिसमें बड़े ही आसान तरीके से तीन हजार रुपये मासिक गुजारा भत्ता देकर छुटकारा पा गया और कोर्ट में तलाक की अर्जी डाल दी।
कानपुर गोविंदनगर की पैरों से विकलांग कृष्णावती को शादी के जाल में फंसाने के लिए एक जातीय सम्मेलन का सहारा लिया। उसके पिता भी नहीं है। शादी के दौरान अमित की जगह अपना नाम ललित रखा। अपनी मां का नाम उर्मिला की जगह निर्मला रखा। सामूहिक विवाह संस्कार समारोह में शादी की।
इसके बाद गांव किनारे एक किराए के कमरे में लेकर रहने लगा। आरोप है कि शादी के आठ दिन बाद ही उसे छोड़ दिया था। कई महीनों तक टरकाने के बाद गोविंदनगर थाने में 17 जून को रिपोर्ट दर्ज की गई है। कृष्णावती का आरोप है कि गैंग बनाकर ठगी और शादी करके महिलाओं का शोषण करते हैं।
खागा की गंगा देवी की शादी भी आरोपी ने प्यार का झांसा देकर की। एसओ धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि मामले की जांच शुरू की गई है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।