राजस्व संग्रह अमीन संघ के बैनर तले 11 सूत्री मांगों को पूरा कराने के लिए चल रही हड़ताल गुरुवार को तीसरे दिन शाम को खत्म हो गई। अमीनों ने फील्ड में जाकर राजस्व वसूली करने की बजाय तहसील मुख्यालयों में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। जिलाध्यक्ष का दावा है कि करीब दो करोड़ रुपये की वसूली प्रभावित हुई है।
उत्तर प्रदेश राजस्व संग्रह अमीन संघ के आह्वान पर मंगलवार से जिले के सभी अमीन हड़ताल पर रहे। प्रदर्शन के आखिरी दिन सदर तहसील में शाखा अध्यक्ष गोरे लाल ने कहा कि सरकार का रवैया अमीनों का हक मार रहा है। जो मांगें हैं, उन पर गौर नहीं किया जा रहा है। इस मौके पर दुर्गेश कुमार सिंह, हरी शंकर शुक्ला, शीतला प्रसाद मिश्रा, धर्मेश कुमार, सुनील कुमार भी मौजूद रहे। इधर, पीक सीजन में अमीनों की हड़ताल से करीब दो करोड़ रुपये की वसूली प्रभावित हुई है। जिले में मौजूदा समय में 145 राजस्व संग्रह अमीन हैं। सदर तहसील मेें 60, बिंदकी में 46 और खागा तहसील में 39 राजस्व संग्रह अमीन हैं। इन्हें प्रत्येक हफ्ते 5-5 लाख रुपये वसूली का लक्ष्य मिला है।
तीसरे दिन भी नहीं किया काम
खागा। अमीनों ने तीसरे दिन भी काम नहीं किया। शाखा अध्यक्ष राजाराम सिंह ने कहा कि अमीन से केवल काम लिया जा रहा है, उनकी सुविधाओं पर गौर नहीं किया जा रहा है। इस मौके पर अशोक कुमार, योगेंद्र द्विवेदी, जयचंद्र मौर्या, योगेंद्र त्रिवेदी, संजेश कुमार, लाल बहादुर सिंह भी मौजूद रहे।
लोकसभा चुनाव में उठाना पड़ेगा खामियाजा
बिंदकी। राजस्व संग्रह अमीन संघ के जिलाध्यक्ष शिवकरन सिंह ने सरकार पर हठधर्मिता का आरोप लगाया। कहा कि सरकार अगर हमारी मांगों पर गौर नहीं करती है तो फिर लोकसभा चुनाव में उसे इसका खामियाजा उठाना पड़ेगा। इस मौके पर तहसील अध्यक्ष राम शरन सिंह, जय कुमार, राम बहादुर कोरी, रामचंद्र मिश्रा, सुरेश चंद्र, कृष्ण बहादुर सिंह, सूरजपाल, प्रदीप कुमार, जयकुमार, बलवीर, रंजीत सिंह भी मौजूद रहे।