फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Fatehpur News: जिला अस्पताल में ही ठीक हो गए डेंगू के सभी मरीज

विज्ञापन
विज्ञापन
फतेहपुर। जिला अस्पताल में डेंगू के सभी मरीज दवाओं के दम पर ठीक हो गए। यहां न तो किसी को प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत पड़ी और न ही किसी को रेफर करने की। अब तक 100 से ज्यादा मरीज भर्ती हो चुके हैं। इनमें से सिर्फ एक मरीज डेंगू वार्ड में भर्ती है। अब वह भी पूरी तरह से ठीक है। अगर सबकुछ ठीक रहा तो सोमवार को उसे भी छुट्टी मिल जाएगी।
विज्ञापन

जनपद में सितंबर माह में डेंगू के मरीज बढ़े थे। अभी अक्तूबर भर डेंगू का खतरा बना हुआ है। दो माह के अंतराल में अब तक करीब 111 मरीज जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में भर्ती हो चुके हैं। इनमें से 10 के आसपास मरीज गंभीर अवस्था में थे, जिनकी प्लेटलेट्स घटकर 30 हजार के आसपास पहुंच चुकी थी। बाकी मरीजों की 50 से 60 हजार प्लेटलेट्स रहीं। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने सभी मरीजों को दवाओं से ही ठीक कर दिया। फिलहाल हथगाम निवासी अफसाना बानो डेंगू वार्ड में भर्ती हैं। वह पूरी तरह से ठीक हैं और सोमवार को उनकी छुट्टी हो सकती है। इसके बाद अगर कोई नया मरीज नहीं आया तो एक्टिव डेंगू मरीजों की संख्या शून्य हो जाएगी।

-इनसेट-
डॉ. अभिषेक सिंह ने बताया कि 20 से 30 हजार प्लेटलेट्स पहुंचने पर स्थिति थोड़ी चिंताजनक होती है। ऐसे मरीजों की नाक या मसूड़ों से रक्तस्राव होने लगता है। इसे हेमरेज स्टेज कहते हैं। ऐसी ही एक शॉक सिंड्रोम स्टेज होती है, जिसमें मरीजों को एकदम से बीपी लो होने समेत अन्य दिक्कतें होती हैं। ऐसे मरीजों को रेफर करने की जरूरत होती है। अगर ब्लीडिंग नहीं हो रही है तो 20 से 30 हजार प्लेटलेट्स वाले मरीज रिकवर हो जाते हैं। ऐसे मरीजों को निगरानी में रखना पड़ता है। इनके अलावा 50 से 60 हजार प्लेटलेट्स वाले मरीज दवाओं से आसानी से ठीक हो जाते हैं।
विज्ञापन

एक यूनिट में बढ़ती है सिर्फ 5000 प्लेटलेट्स काउंट
डॉ. अभिषेक सिंह ने बताया कि प्लेटलेट्स चढ़ाने पर बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ता। 30 से 50 एमएल की एक यूनिट में सिर्फ 5000 प्लेटलेट्स बढ़ती हैं। गंभीर मरीजों को छोड़कर अन्य मरीजों में प्लेटलेट्स की कमी दवाओं से ही दूर हो जाती है। इसके लिए कुछ अलग से करने की जरूरत नहीं है। मानव शरीर ही प्लेटलेट्स बनाता है। डेंगू मरीजों को कीवी और ड्रैगनफ्रूट जैसे कुछ विशेष फल खाने की सलाह इसलिए दी जाती है, क्योंकि यह फल प्लेटलेट्स बनाने की प्रक्रिया को तेज करते हैं, न कि प्लेटलेट्स बनाते हैं।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें