भिटौरा ब्लाक के रारा गांव में फायरिंग और मारपीट की
घटना में कांग्रेस नेता व पूर्व ब्लाक प्रमुख ने अपने पक्ष को निर्दोष
बताया है। दूसरे पक्ष पर रायबरेली के कांग्रेस नेता अखिलेश सिंह का संरक्षण
होने व कई बीडीसी उनकी कैद में होने का आरोप लगाया है। मामले की जांच
पुलिस अधीक्षक ने एडिशनल एसपी को दी है।
कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष
अमरनाथ सिंह उर्फ अनिल सिंह की अगुवाई में पूर्व ब्लाक प्रमुख समेत नेताओं
का प्रतिनिधि मंडल मंगलवार दोपहर पुलिस अधीक्षक राजीव मल्होत्रा से मिलने
पहुंचा।
भिटौरा ब्लाक के पूर्व प्रमुख राजेंद्र शुक्ला ने शिकायती पत्र
देकर बताया कि उनकी पत्नी कल्पना शुक्ला प्रमुख पद की चुनाव प्रत्याशी हैं।
उनके खिलाफ लल्ली सिंह प्रमुख पद पर अपनी भाभी को चुनाव लड़ा रहे हैं।
लल्ली सिंह का आपराधिक इतिहास है और हत्या के मामले में आजीवन कारावास भी
है। इस समय जमानत पर हैं। विरोधी पक्ष आतंक और दहशत से चुनाव जीतना चाहता
है।
उसने क्षेत्र के कई बीडीसी सदस्यों को रायबरेली के कांग्रेस नेता
अखिलेश सिंह के संरक्षण में कैद करा रखा है। स्थानीय पुलिस का भी उन्हें
संरक्षण प्राप्त है।
दो दिन पहले लल्ली सिंह ने दर्जनों साथियों संग रारा
गांव में उनके समर्थकों के साथ मारपीट और फायरिंग की है। पुलिस ने घटना के
बाद उनके पक्ष पर भी झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई है।
चुनाव शांतिपूर्वक तरीके
से निपटाने के लिए एसओ को हटाकर उनके खिलाफ दर्ज रिपोर्ट स्पंज की जाए। इस
दौरान कांग्रेस नेता महेश द्विवेदी, संतोष द्विवेदी, कपिल देव बाजपेयी,
राजकमल मौर्या, आरिफ गुड्डा, कोटेश्वर, राजू लोधी, घनश्याम लोधी, रामशंकर
सविता, संतोष चंद्र, व्यास कमल शर्मा मौजूद रहे।