सपा जिला कार्यालय पर साइकिल लेकर खुशी जताते सपाई।
- फोटो : अमर उजाला
चुनाव आयोग से साइकिल मिलते ही अखिलेश समर्थक झूम उठे। कई साइकिल चलाते हुए सड़क पर निकले, दफ्तर पहुंचे और खुशी बांटने के लिए एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया। गले मिल साइकिल पर कब्जा होने की बधाई दी गई। उधर, शिवपाल समर्थकों को सांप सूंघ गया। निर्वाचन आयोग का निर्णय आते ही वे घरों से बाहर नहीं निकले।
निर्वाचन आयोग का सोमवार की शाम फैसला आते ही अखिलेश समर्थक शहर के सादीपुर स्थित पार्टी जिला कार्यालय में एकत्र हुए। अखिलेश गुट के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह यादव के पहुंचते ही नारेबाजी शुरू हो गई और मिठाई बांटने का सिलसिला देर रात तक चला। समर्थक ऐसे खुश हो रहे थे जैसे सिंबल नहीं चुनाव का मैदान जीत कर आए हों।
इस फैसले के बाद से बिंदकी और जहानाबाद से शिवपाल गुट से घोषित प्रत्याशियों की प्रत्याशिता पर खतरे की तलवार लटक गई है। शिवपाल सिंह ने जहानाबाद से बीना पटेल और बिंदकी सीट से अमरजीत सिंह जनसेवक को प्रत्याशी बनाया था। वहीं सीएम गुट से जहानाबाद से विधायक मदनगोपाल वर्मा और बिंदकी से सपा के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह को प्रत्याशी बनाया गया था जबकि चार अन्य विधानसभा प्रत्याशियों पर कोई बदलाव नहीं किया गया था।