फतेहपुर। शहर में दिल दहलाने वाले हत्याकांड के मुख्य आरोपी का नेटवर्क और दबदबा कितना बढ़ गया, यह इसी से अनुमान लगाया जा सकता है कि उसने करीब 13 करोड़ की बेशकीमती जमीन का महज चंद हजार रुपये में इकरारनामा कराया। उसकी पेशगी भी सिर्फ 20 हजार रुपये दी थी। पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। इसे भी अब पुलिस जांच में शामिल कर रही है। इसमें कई सफेदपोश लोगों के शामिल होने की बात सामने आ रही है।
30 अक्तूबर की रात पत्रकार दिलीप सैनी की चाकू से गोदकर हत्या की गई थी। हत्याकांड में मुख्य आरोपी आलोक तिवारी उर्फ अक्कू को बनाया गया है। हत्याकांड की एक बड़ी वजह जमीन का विवाद व लेनदेन सामने आया है। वीआईपी रोड की जमीन की खरीद-फरोख्त के लेनदेन को लेकर विवाद की बात सामने आई है। वहीं, निबहरा बकारगंज की एक जमीन भी सामने आ रही है। आलोक तिवारी उर्फ अन्नू ने छह अक्तूबर 2023 में इस जमीन का इकरारनामा किया था। विक्रेता पक्ष से 10 लोगों ने अन्नू को महज 50 हजार रुपये में जमीन दे दी थी। उसमें अन्नू ने 20 हजार रुपये एडवांस के रूप में दिए थे। 35 महीने का इकरारनामा है। 25 बीघे की यह जमीन शहर के अटल पार्क के पास है। यहां एक बीघे जमीन की कीमत लगभग 50 लाख है। इस हिसाब से ये जमीन लगभग 13 करोड़ के आसपास की है।
इतनी बड़ी कीमत की जमीन का महज कुछ हजार इकरारनामा कर दिया गया। बताया जा रहा है कि जमीन का विवाद होने के चलते विक्रेताओं ने अन्नू की दबंगई का सहारा लिया। हत्यारोपी ने भी जमीन पर कब्जा दिलाने के दम पर इकरानामा करा लिया। इसमें एक सफेदपोश का भी हाथ सामने आ रहा है। गवाह अन्नू का भाई अनुराग तिवारी को बनाया गया। हत्याकांड में उसका भी नाम शामिल है। इसी तरह मुख्य आरोपी व उसके भाई की बिंदकी खजुहा मार्ग व यार्ड के पास, वीआईपी रोड पर जमीन होने की बात सामने आ रही है। पुलिस जांच में जुटी है।
हत्यारोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने पूर्वांचल के कई जिलों में एसओजी की टीम ने दबिश दी है। मुख्य आरोपी आलोक तिवारी समेत नामजद चार आरोपियों का पुलिस को अब कोई सुराग नहीं मिला है। वहीं, दिलीप हत्याकांड में घायल शहीद खान ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि उसे दुख है कि वह बड़े भाई को बचा नहीं सका। उसने हत्यारोपियों को फांसी की सजा की मांग की है।
पत्रकार के हत्यारों को फांसी की मांग और पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने के संबंध में साइबर जर्नलिस्ट एसोसिएशन फतेहपुर इकाई ने ज़िलाधिकारी फतेहपुर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्हें कैंडल मार्च निकालकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पत्रकारों ने कलक्ट्रेट परिसर में नारे भी लगाए। पत्रकार दिलीप सैनी की निर्मम हत्या के बाद पत्रकारों में काफी आक्रोश है। पत्रकार साथी के हत्यारों को फांसी देने की मांग पर अड़े हैं। साइबर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष त्रिभुवन सिंह, जिला उपाध्यक्ष कर्ममोहम्मद, जिला प्रवक्ता प्रदीप कुमार, जिला सचिव धीर सिंह, सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।