जाफरगंज। नशेड़ी पति की प्रताड़ना से तंग आकर दो बच्चों के साथ जहर खाने वाली महिला ने भी बुधवार को दम तोड़ दिया। महिला के एक छह वर्षीय बच्चे की मंगलवार को मौत हो गई थी। दूसरे एक वर्षीय पुत्र की हालत गंभीर बनी हुई है। मां और बेटे के शव गांव पहुंचे तो पूरे इलाके में मातम छा गया। इस दौरान रज्जन खुद को कोसता नजर आया और पत्नी व बच्चों को याद कर रोता रहा।
थाना क्षेत्र के धौरहारा गांव निवासी रज्जन निषाद शराब का लती है। पति से परेशान होकर पत्नी राजकली (30) ने पुत्र छोटू उर्फ राज (6) और सौरभ (01) के साथ नदी किनारे गिलास में जहर घोलकर पहले बच्चों को पिलाया और फिर खुद भी पी लिया था। इलाज के दौरान छोटू की मौत हो गई थी। महिला और सौरभ को कानपुर हैलट रेफर किया गया था। यहां देर रात राजकली ने भी दम तोड़ दिया।
जानकारी पर मायके मंसूरपुर से पिता रामबाबू समेत बड़ी संख्या में लोग धौरहारा गांव पहुंचे। परिवार में बड़ी पुत्री शिवानी (10) और पुत्र शिवा (8) हैं। मां और बेटे के शव पोस्टमार्टम के बाद बुधवार को गांव पहुंचे तो घर के बाहर चीख-पुकार मच गई। पूरे गांव में मातम छा गया और ग्रामीणों के बीच घटना को लेकर चर्चा रही।
लोगों का कहना है कि लंबे समय से चल रही पारिवारिक कलह और तनाव के कारण राजकली ने यह कदम उठाया। उधर, कानपुर के अस्पताल में भर्ती एक वर्षीय सौरभ जिंदगी और मौत से संघर्ष कर रहा है। परिजन उसकी सलामती की दुआ कर रहे हैं। प्रभारी थानाध्यक्ष दिनेश कुमार ने बताया कि शवों के अंतिम संस्कार के बाद परिजन की तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बच्चों के लिए करती थी मजदूरी, पति छीन लेता था रुपये
राजकली के मंसूरपुर गांव निवासी पिता बाबूराम ने बताया कि उनकी पुत्री चार भाइयों और तीन बहनों में सबसे छोटी थी। करीब 10 वर्ष पूर्व उसकी शादी धौरहरा गांव निवासी रज्जन निषाद के साथ हुई थी। शादी के बाद दोनों कई वर्ष तक गोवा में रहकर काम करते रहे लेकिन गांव लौटने के बाद जीवन संघर्षों से भर गया।
बाबूराम का आरोप है कि गोवा से लौटने के बाद दामाद रज्जन और उसकी मां सियादुलारी ने बेटी का जीवन बर्बाद कर दिया। गोवा में दामाद का एक पैर खराब होने के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी राजकली के कंधों पर आ गई थी। वह दूसरे के खेतों में कटाई-मड़ाई, ईंट-गारा और मजदूरी कर बच्चों का पालन-पोषण करती थी। आरोप है कि रज्जन मजदूरी और गेहूं बेचकर मिले रुपये छीनकर शराब पीता था। विरोध करने पर मारपीट कर अपनी मां के घर चला जाता था। इस तरह राजकली का जीवन लगातार संघर्ष और प्रताड़ना में बीतता रहा।
फाइल फोटो-23-राजकली। स्रोत: परिजन