राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से जिला अस्पताल में निर्मित आक्सीजन प्लांट चालू होने के पहले वीरान हो गया। तैयार होने के बाद प्लांट में ताला बंद है। करीब 36 लाख की लागत से बना प्लांट एक भी रोगी के काम नहीं आ सका है।
पूर्व मुख्यमंत्री मायावती सरकार में एनआरएचएम से जिला महिला और पुरुष अस्पताल में करोड़ों रुपये की लागत से माडल ओटी का निर्माण कराया गया था। इसके तहत आधुनिक संसाधनों से आपरेशन थेटर के साथ इमरजेंसी वार्ड के हर विस्तर पाइप लाइन की माध्यम से आक्सीजन आपूर्ति की व्यवस्था की गई थी। आक्सीजन आपूर्ति के लिए महिला अस्पताल के बगल में आक्सीजन प्लांट का निर्माण कराया गया था। प्लांट बनकर तैयार होने के बाद पाइप लाइन के माध्यम से ओटी से आक्सीजन आपूर्ति की व्यवस्था की गई थी। प्लांट बनकर तैयार होते ही एनआरएचएम घोटाला उजागर हो गया और इसकी जांच शुरू हो गई। इसके बाद प्लांट में ताला बंद कर दिया गया। कुछ दिन बाद प्रदेश की सत्ता में परिवर्तन हो गया। इसके बाद से प्लांट का ताला नहीं खोला गया है। जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डा. रेखा रानी का कहना है कि माडल ओटी के साथ प्लांट बनकर तैयार है, लेकिन जांच शुरू होने के कारण प्लांट अस्पताल को हस्तांतरित नहीं हो पाया है। इसी लिए अस्पताल इसका उपयोग नहीं कर पा रहा है।