कोर्ट ने सुनाया फैसला (सांकेतिक तस्वीर)
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फतेहपुर मे छह साल पुराने दोहरे हत्याकांड में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय शंकर उपाध्याय ने तीन भाइयों समेत सात लोगों को उम्रकैद की सजा दी है। साथ ही तीनों भाइयों पर 22-22 हजार और अन्य चार आरोपियों पर 21-21 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। सभी आरोपी घटना के बाद से ही जेल में हैं।
पुरानी रंजिश और ग्राम प्रधानी की चुनावी प्रतिस्पर्धा में गांव के ही दो लोगों की दिनदहाड़े हत्या करने के मामले में अदालत ने अपना फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय शंकर उपाध्याय ने तीन सगे भाइयों समेत सात लोगों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा दी है। मामला छह साल पुराना है।
छह साल पहले नौगांव में प्रधान के चुनाव की प्रतिस्पर्धा में हुई थी दिनदहाड़े हत्या
घटना 31 अगस्त 2013 की है। हुसैनगंज थानाक्षेत्र के नौगांव के किसान अरविंद उर्फ रज्जन त्रिपाठी और किसान कृष्ण कुमार उर्फ छेद्दू की गांव के रविशंकर शुक्ला के परिवार से ग्राम प्रधान की चुनावी प्रतिस्पर्धा को लेकर रंजिश चल रही थी। घटना के दिन अरविंद और कृष्ण कुमार अपने किसी मुकदमे की पैरवी के लिए फतेहपुर आए थे।
तारीख लेने के बाद दोनों बाइक से नौगांव लौट रहे थे। अधिवक्ता के मुताबिक बाइक सवार नौगांव से पहले कैथपुरवा तक पहुंचे थे कि पीछे से रविशंकर शुक्ला के तीन बेटे सुशील, विवेक और अतुल आ गए और अरविंद और कृष्ण कुमार पर गोलियां चला दी थीं। उनके गिरते ही वहां पहले से मौजूद गांव के दिलीप शुक्ला, फुन्नर शुक्ला, बृजेंद्र दुबे और राजाराम ने उन्हें घेरे कर गोली मार दी।
सात लोगों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा दी
दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस दौरान अरविंद की पत्नी सरोज देवी नौगांव की ग्राम प्रधान थी। बड़े भाई देवेंद्र त्रिपाठी अधिवक्ता थे और उनकी ही तहरीर पर पुलिस ने सात आरोपियों के विरुद्ध नामजद मुकदमा पंजीकृत किया था। देवेंद्र मौजूदा समय नौगांव के ग्राम प्रधान हैं।
कोर्ट में मामले की पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता रमेशचंद्र पाल कर रहे थे। न्यायालय में एक के बाद नौ लोगों ने गवाही दी। अपर जिला जज ने गवाहों के बयानों और साक्ष्यों को मद्देनजर रखते हुए तीनों भाईयों सुशील, विवेक, अतुल समेत दिलीप शुक्ला, फुन्नर शुक्ला, बृजेंद्र दुबे और राजाराम को उम्रकैद की सजा सुना दी।