थाना क्षेत्र निवासी व्यापारी आशीष केशरवानी (38) का मंगलवार की शाम पुलिस ने उनके ही कमरे का ताला तोड़कर शव बरामद किया। आशंका जताई जा रही है कि हत्यारोपियों को लाश ठिकाने लगाने का मौका नहीं लगा होगा। हत्या दो से तीन दिन पहले किए जाने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस मामले की हर बिंदु पर जांच कर रही है।
आशीष केशरवानी थाना क्षेत्र के कस्बा निवासी स्वर्गीय रामधनी के बेटे थे। वह परचून के थोक कारोबारी करते थे। वह छह भाई सुभाष, दशरथ, रामचंद्र, लड्डू, दिलीप हैं। कस्बा स्थित मकान में आशीष के अलावा सुभाष और दशरथ भी अपने परिवारों के साथ रहते हैं। अन्य तीनों भाई दूसरे मकानों में रहते हैं। करीब सालभर से उनकी पत्नी कलावती छह माह के बच्चे के साथ मायके कनवार कौशांबी में रहती हैं। व्यापारी की मां शकुंतला ने बताया कि उसने बेटे आशीष को शनिवार की शाम करीब पांच देखा था। उसने ससुराल जाने के लिए कहा था। इसके बाद उसका पता नहीं चला था। उसके कमरे में तीन दिन से ताला लगा हुआ था।
कमरे से मंगलवार को दुर्गंध आई। मौके पर पहुंच परिजनों ने खिड़की तोड़कर शव अंदर देखा और पुलिस को खबर दी। पुलिस ताला तोड़कर कमरे में पहुंची। कमरे में सब कुछ ठीक ठाक मिला। चारपाई पर रजाई से ढंका व्यापारी का शव मिला। एसओ नरेंद्र सिंह ने बताया कि व्यापारी कीनाक, कान कटे हुए थे। बिस्तर पर गंदगी फैली मिली। नाजुक अंगों पर चोट के निशान मिले। उसकी मौत कई दिन पहले होने की वजह से शव फूल चुका था। मौत कै से हुई है स्पष्ट करना मुश्किल है। बाहर से तालाबंद होना हत्या की ओर इशारा करता है। पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।