फतेहपुर। थरियांव थाने में तैनात सिपाही प्रियंका सरोज की खुदकुशी के मामले में एक माह बाद डाॅक्टर के फरार परिजनों को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पुलिस प्रकरण में आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य संकलन का दावा कर रही है।
जौनपुर जिला के राकत थाने के पतौरा निवासी संकठा प्रसाद की पुत्री प्रियंंका सिपाही पद पर थरियांव थाने में तैनात थी। थाने स्थित कमरे में प्रियंका का 17 अगस्त की रात करीब एक बजे फंदे से लटकता शव मिला था। उसकी शादी रेलवे कर्मी के साथ 18 नवंबर को होनी थी।
प्रकरण में पिता की तहरीर पर बड़े बेटे अमिताभ के साले बीएमएस डा. चंदन सरोज व उसकी मां हीरामती, बहन सोनम, मौसी संगीता, साथी करन व अजीत के खिलाफ आत्महत्या को उकसाने का मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस ने जौनपुर जिले के मुख्य आरोपी डाॅ. चंदन को गिरफ्तार किया है। बाकी कोई आरोपी गिरफ्तार नहीं हो सका है। पुलिस ने सिपाही के पैड, स्मार्ट फोन की प्रारंभिक जांच शुरू की है।
थानाध्यक्ष अरविंद राय ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिग से मौत की पुष्टि हुई थी। सिपाही के मिले मोबाइल से आरोपियों का साक्ष्य संकलन किया जा रहा है।