कचहरी गेट के पास मृतक अधिवक्ता के रोते बिलखते परिजन।
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बुखार पीड़ित अधिवक्ता की मौत पर शुक्रवार को डॉ. आरपी त्रिपाठी क्लीनिक पर जमकर बवाल हुआ। मृतक के परिजनों एवं वकीलों ने नारेबाजी के साथ तोड़फोड़ भी की। इस दौरान डॉ. त्रिपाठी व उनके स्टाफ को दूसरे रास्ते से भागना पड़ा। इतना ही नहीं गुस्साए लोगों ने अधिवक्ता का शव सड़क पर रख रास्ता जाम कर दिया। डाक्टर पर रिपोर्ट दर्ज होने के बाद मामला शांत हुआ।
हुसैनगंज थाना क्षेत्र के बेरागढ़ीवा गांव निवासी अधिवक्ता कमलेश दीक्षित (52) तबीयत खराब होने पर गुरुवार शाम शहर के डॉ. आरपी त्रिपाठी के क्लीनिक से दवा ले गए। आरोप है कि शुक्रवार सुबह आठ बजे क्लीनिक से मिली दवा खाते ही उनकी हालत बिगड़ गई। परिजन अस्पताल ले जा रहे थे कि रास्ते में मौत हो गई।
अधिवक्ता की मौत की जानकारी मिलते ही बार एसोसिएशन के अध्यक्ष हितेंद्र बहादुर, महामंत्री मणि प्रकाश दुबे सहित अन्य अधिवक्ता जुट गए। शव गांव ले जाने के बजाय दवा देने वाले डा. आरपी त्रिपाठी के क्लीनिक पर ले गए। अधिवक्ता वहां हंगामा करने लगे। यह देख क्लीनिक स्टाफ समेत आरोपी चिकित्सक मौके से भाग निकले। डाक्टर से भाग जाने से अधिवक्ताओं का गुस्सा बढ़ गया। वे उग्र होकर तोड़फोड़ करने लगे। बवाल की जानकारी मिलने एसडीएम विवेक श्रीवास्तव व डीएसपी समर बहादुर मौके पर पहुंचे और समझा बुझाकर शांत कराया। कोतवाल आरके पांडेय ने बताया कि मृतक के बेटे अरविंद कुमार की तहरीर पर डॉ. आरपी त्रिपाठी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।