फतेहपुर जिले में धर्मांतरण मामले में पुलिस ने सुजरही गांव के रामचंद्र को गिरफ्तार किया है। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने कबूला है कि उसने दो हजार लोगों का धर्मांतरण कराया है। पुलिस ने आरोपी के पास से एक डायरी, बाइबिल, आधार कार्ड, फोटो एलबम बरामद किया है। पुलिस ने उसके दो घरों की तलाश ली। पुलिस एक घर को प्रार्थना सभा स्थल बता रही है।
दूसरे आवासीय घर में ताला लटका है। पुलिस की एक टीम अन्य आरोपियों की तलाश में प्रयागराज रवाना हुई। सुल्तानपुर जिले के गोसाईंगंज थाना क्षेत्र बहाउद्दीनपुर निवासी सर्वेंद्र विक्रम सिंह ने शुक्रवार को सदर कोतवाली में धर्मांतरण का मुकदमा दर्ज कराया था। खागा कोतवाली क्षेत्र के सुजरही गांव निवासी रामचंद्र ने ईसाई धर्म अपनाने पर नौकरी, शादी और रुपयों का प्रलोभन देकर देवीगंज स्थित इंडियन प्रेस ब्रिटेरियन चर्च में धर्मपरिवर्तन कराया था।
प्रकरण में देवीगंज के पादरी, रामचंद्र, प्रयागराज नैनी स्थित सैम हिग्गिनबाटम एग्रीकल्चर टेक्नालॉजी एंड साइंस यूनिवर्सिटी (शुआट्स) के वाइस चांसलर डा. आरबी लाल, प्रशासनिक निदेशक डा. विनोद बी. लाल समेत 60 लोगों पर धर्मांतरण का मुकदमा दर्ज किया था। सर्वेंद्र का 25 दिसंबर 2021 को धर्म परिवर्तन हुआ था। मामले में पुलिस ने सुजरही गांव में छापा मारा।
आरोपी रामचंद्र को उसके घर से गिरफ्तार किया है। विवेचक अमित मिश्रा ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की गई है। पूछताछ में आरोपी ने कबूला कि वह मिशनरी से 2009 से जुड़ा था। उसने 2021 तक करीब दो हजार लोगों का धर्मांतरण कराया है। आरोपी के पास से धर्मांतरण संबंधी एक डायरी, बाइबिल, आधार कार्ड, धार्मिक फोटो का एलबम, यीशु दरबार, धर्मांतरण कराने वालों की सूची प्राप्त हुई है। विवेचक अमित मिश्रा ने बताया कि साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट में आरोपी को पेश किया गया है। आरोपी को जेल भेजा गया है। एसआईटी की टीम प्रयागराज रवाना हुई है। शुआट्स और अन्य जगहों पर छापामारी कर जांच की जाएगी।