लेखपाल भर्ती परीक्षा में जिले के कुल 36 परीक्षा केंद्रों में 16221 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा में 2811 अभ्यर्थी गैरहाजिर रहे। बिंदकी के एक परीक्षा केंद्र में मुन्ना भाई महिला अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देते पकड़ा गया। इसके अलावा राजकीय इंटर कालेज में दो अभ्यर्थी ओएमआर सीट की प्रति लेकर भाग गए। उधर, परीक्षा ड्यूटी का 28 शिक्षामित्रों ने बहिष्कार किया। इनके बदले शिक्षक मुहैया कराए गए। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के पहुंचने से शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित। सख्ती के चलते किसी भी केंद्र से गड़बड़ी की सूचना नहीं हैं।
जिले के लेखपाल भर्ती परीक्षा के 16221 अभ्यर्थियों की परीक्षा रविवार की सुबह 10 बजे शुरू हुई। इसके लिए 22 केंद्र सदर, खागा 6 तथा 8 परीक्षा केंद्र बिंदकी तहसील में बनाए गए थे। सभी परीक्षा केंद्रों में नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए प्रशासन ने स्टेटिक मजिस्ट्रेट बैठाया था। केंद्र में अभ्यर्थियों को सुबह 8.30 बजे बुलाया गया था, लेकिन ज्यादातर केंद्रों के ताले सुबह 9.30 बजे खोले गए। बिंदकी तहसील क्षेत्र के अभय प्रताप सिंह डिग्री कालेज परीक्षा केंद्र में शहर के आईटीआई रोड निवासी चंद्रप्रकाश पुत्र गयाप्रसाद नामक मुन्ना भाई महिला अभ्यर्थी करुणा देवी के स्थान पर परीक्षा देते पकड़ गया। केंद्र प्रभारी राजेंद्र सिंह ने मुन्ना भाई को पुलिक को सपुर्द करके मुकदमा दर्ज कराया है। इसी तरह राजकीय इंटर कालेज परीक्षा केंद्र से जीतेंद्र कुमार पुत्र रामकुमार निवासी पारादान बिंदकी व सुनील कुमार वर्मा पुत्र रामशंकर निवासी हरियापुर थाना ललौली ओएमआर सीट की दूसरी और तीसरी प्रति लेकर भाग निकले। स्टेटिक मजिस्ट्रेट जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के नजावत ने मुख्य ओएमआर सीट की छाया प्रति प्रमाणित कराकर रिकार्ड में रखवाई। डीएम पुष्पा सिंह ने ऋतुराज सिंह, सीपीएस, विश्वभारती, नागा निरंकारी बालिका आदि कालेजों का निरीक्षण किया। उधर, हाईकोर्ट के फैसले से असंतुष्ट सहायक अध्यापक बने शिक्षामित्रों को परीक्षा ड्यूटी के बहिष्कार करने की घोषणा पर माध्यमिक शिक्षा विभाग ने बेसिक शिक्षा विभाग से चार सौ शिक्षकों की व्यवस्था कराई।
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..और नहीं मिला पारिश्रमिक
लेखपाल भर्ती परीक्षा में लगाए गए अंतरीक्षकों को परीक्षा समाप्ति के बाद पारिश्रमिक नहीं मिला। सभी अंतरीक्षक पारिश्रमिक पाने के लिए घंटों केंद्र में इंतजार करते रहे। बाद में उन्हें सोमवार को भुगतान मिलने की जानकारी देकर बैरंग कर दिया गया।
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फार्म में गड़बड़ी पर नहीं दे पाए परीक्षा
कानपुर महानगर नौबस्ता से मुसलिम इंटर कालेज परीक्षा देने आए सचिन कुशवाहा को बिना परीक्षा दिए लौटना पड़ा। आनलाइन आवेदन में उसके भाई अंकित कुशवाहा की फोटो लगी थी। इसी तरह से बिंदकी के खदरा से परीक्षा देने आई अनीता देवी के प्रवेश पत्र में दूसरे की फोटो लगी थी। दोनों परीक्षार्थियों को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं प्रदान की गई। यह दोनों अभ्यर्थी, तो बानगी के तौर पर हैं। हर केंद्र में इस तरह के दो-चार अभ्यर्थी भटकते मिले, लेकिन उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिली।
प्रश्नपत्र देख चेहरों पर आई मुस्कान
परीक्षा सकुशल संपन्न होने के बाद परीक्षा केंद्र से बाहर निकले परीक्षार्थियों ने हाल सुनाया। किसी को हिंदी के प्रश्न सरल लगे तो किसी ने गणित के सवालों को आसान बताया। अभ्यर्थी गंगानगर निवासी ऋषि क पूर ने बताया कि परीक्षा सकुशल हो गई है अस्सी नंबर का प्रश्न पत्र था। नाम आने की उम्मीद है। देवीगंज के संतोष गुप्ता ने बताया कि जब प्रशभन पत्र पढ़ा तो कुछ राहत मिली। आवास विकास के सुनील सिंह ने बताया कि गणित के सवाल आसान थे। सरैनी से पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि हिंदी के प्रशभन सरल थे।
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अपर आयुक्त इलाहाबाद ने किया निरीक्षण
नगर के मां शारदा महाविद्यालय में 993 में 144 गैर हाजिर, अभय प्रताप सिंह डिग्री कालेज में 696 में 109, राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 240 में 43 दयानंद इंटर कालेज में 492 में , नेहरू इंटर कालेज में 492 मे सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज, 600 में 75 गैरहाजिर, सर्वोदय इंटर कालेज गोपालगंज में 792 में 100 गैर हाजिर रहे। केंद्रों में एसडीएम जेएन सचान, तहसीलदार दूधनाथ यादव, सीओ आरके वर्मा, कोतवाल केके यादव, थानाध्यक्ष बकेवर राजेंद्र सिंह, सहित कई थानों की पुलिस फोर्स केंद्रों में मुस्तैद रहे।
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2868 में से 415 ने छोड़ी परीक्षा
नगर के सभी केेंद्रों के 2868 परीक्षार्थियों में से 415 परीक्षार्थी गैर हाजिर रहे। जोनल मजिस्ट्रेट एसडीएम बलराम सिंह भी परीक्षा केंद्रों में जाकर निरीक्षण करते रहे। परीक्षा केंद्र शुकदेव इंटर कालेज में 600 में से 86, सरस्वती बाल मंदिर में 492 में से 87, रानी चंद्रप्रभा डिग्री कालेज में 600 में से 104, आशा सिंह बालिका इंटर कालेज में 492 में से 78, कमला बालिका इंटर में 384 में से 7 और जनहितकारी इंटर कालेज में 300 में से 53 परीक्षार्थियों ने परीक्षा नहीं दी।