फोटो-16-बच्चों के साथ समाजसेवी अभय। संवाद
लॉ की पढ़ाई के साथ समाज सेवा में समय दे रहे अभय
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। अब युवा सेवा कार्य में में भी बढ़-चढ़कर आगे रहे हैं। पहले समाज सेवा में उम्रदराज लोग ही आगे आते रहे हैं। समाजसेवा में अब युवाओं की रुचि दिख रही है।
उनका कहना है कि कॅरियर के साथ सेवाकार्य करने में कोई हर्ज नहीं हैं। हम कोई भी कार्य करते हुए भी सेवा के विभिन्न क्षेत्रों में काम कर सकते हैं। इससे प्रतिभा में निखार आता है। कुछ लोग नौकरी से सेवानिवृत होने के बाद सेवा के क्षेत्र में आते हैं, लेकिन शहर में सेवा के प्रति तमाम युवा समर्पित हैं, जो पढ़ाई और नौकरी के साथ भी सेवाकार्य में जुटे हुए हैं।
केयर फॉर नेचर फाउंडेशन के अभय आर्य लॉ की पढ़ाई कर रहे हंै। बचपन से उनके मन में लोगों की मदद करने की इच्छा रहती थी। किसी गरीब को देखते ही वो भावुक हो जाते थे। फिर घर में जो भी कुछ खाने-पीने का सामान रहता था, उसे लेकर दे देते। दो साल पहले अभय ने केयर फॉर नेचर फाउंडेशन स्थापना की।
संस्था के माध्यम से उन्होंने गरीब बच्चों को पढ़ाने, त्यौहारों में झुग्गी बस्तियों में जाकर जरूरत का सामान देना, कोरोना काल में वैक्सीन सेंटर लगाकर लोगों का वैक्सीनेशन करवाना पांच रुपये का खाना उपलब्ध कराना, पालीथीन के उपयोग को कम करने के लिए घर में झोले का निर्माण कर बाटना जैसे कामों को कर रहे हैं।
उनका कहना है कि शुरुआत में टीम के पाच सदस्य थे, लेकिन इस समय 40 लोग टीम के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। जहानाबाद क्षेत्र के एक बस्ती में ज्ञान की पाठशाला चल रही है। इसमे 45 बच्चे पढ़ रहे हैं। पहले चार-पाच बच्चों ने पाठशाला में पढऩा शुरू किया। इसके बाद निरंतर संख्या बढ़ रही है। यह कार्य बहुत मुश्किल भरा था। क्योंकि बस्ती में बच्चों के माता-पिता पढाऩे के लिए राजी नहीं थे, उन्हें लगता था कि यदि बच्चे बढऩे लगेंगे तो कामकाज नहीं करेंगे। काम करने से उनके पास कुछ पैसे आ जाते है। इसके लिए वह स्कूल में बच्चों नहीं भेजते थे।
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