फतेहपुर। जिला अस्पताल में लंबी कतारों से राहत देने के उद्देश्य से शुरू की गई आभा एप की व्यवस्था अभी तक कारगर साबित नहीं हो सकी है। अस्पताल प्रशासन की यह योजना मरीजों और तीमारदारों के बीच लोकप्रिय नहीं हो पा रही है। अधिकांश लोग घंटों लाइन में खड़े रहना पसंद कर रहे हैं लेकिन मोबाइल से एप डाउनलोड कर खुद टोकन लेने से बच रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने ओपीडी में पर्चा बनवाने के लिए लंबी कतारों से राहत देने के लिए आभा एप की सुविधा शुरू की थी। इसके माध्यम से मरीज मोबाइल से ऑनलाइन टोकन लेकर सीधे पर्चा काउंटर से पर्चा बनवा सकते हैं और ओपीडी में जाकर उपचार करा सकते हैं। इसके बावजूद अधिकतर लोग इस सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।
महिला अस्पताल गेट पर पर्चा काउंटर के पास शनि और सत्यम नाम के दो कर्मचारी तैनात हैं। इनका काम मरीजों और तीमारदारों को एप के बारे में जानकारी देना और टोकन लेने में मदद करना है। कर्मचारियों ने बताया कि अधिकांश लोगों के पास एंड्रॉयड फोन नहीं होता या वे एप डाउनलोड करने और खुद ऑपरेट करने में रुचि नहीं दिखाते।
सोमवार को कुल 333 ऑनलाइन टोकन जारी किए गए लेकिन इनमें से कोई भी मरीज या तीमारदार खुद ऐप चलाकर टोकन नहीं ले सका। कर्मचारियों का कहना है कि यदि लोग खुद मोबाइल पर एप चलाना सीख लें तो लंबी कतारों की समस्या काफी हद तक खत्म हो सकती है। एप के जरिये टोकन लेने में केवल दो मिनट का समय लगता है।
ऐसे करें आभा एप का इस्तेमाल
एंड्रॉयड मोबाइल में प्ले स्टोर से ड्रीपकेस एप डाउनलोड करें। लॉगिन कर नाम, उम्र, जन्म तिथि और पिनकोड भरें। इसके बाद क्रिएट आभा में जानकारी सबमिट करें। कुछ ही मिनट में टोकन मिल जाएगा जिसे पर्चा काउंटर पर बताकर पर्चा लेकर सीधे ओपीडी में उपचार कराया जा सकता है।
ये हैं आभा एप के फायदे
- घर बैठे या अस्पताल पहुंचते ही ऑनलाइन टोकन लिया जा सकता है।
- लंबी कतार में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ती।
- टोकन नंबर से सीधे काउंटर से पर्चा लेकर ओपीडी में उपचार कराया जा सकता है।
- मरीज का डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है। इससे आगे इलाज में सुविधा होती है।
- कुछ ही मिनट में टोकन मिल जाता है समय की बचत होती है।
मरीजों और तीमारदारों को लंबी कतारों से बचाने के लिए आभा एप काउंटर का संचालन किया जा रहा है। कर्मचारियों की तमाम कोशिशों के बावजूद लोग आभा एप का इस्तेमाल करने से लोग कतरा रहे हैं। हालांकि सभी को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है।
- डॉ. राजेश कुमार, सीएमएस, जिला अस्पताल।
फोटो-11-महिला अस्पताल पर्चा काउंटर के बाहर आभा ऐप काउंटर पर ऑनलाइन टोकन देते कर्मचारी शनि और सत