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आर्थिक तंगी से परेशान किसान ने दे जान

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कुलदीप कुमार तिवारी की फाइल फोटो - फोटो : FATEHPUR
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बहुआ। खटौली गांव के एक किसान का सोमवार सुबह घर के आंगन में सीलिंग फैन के हुक से शव लटकता मिला। गले में साड़ी का फंदा कसा था। यह देखकर परिजनों की चीख निकल गई।
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शोर सुनकर ग्रामीण जमा हो गए। पुलिस आई तो फौरी तफ्तीश में किसान की मौत की वजह के रूप में आर्थिक तंगहाली सामने आई। पता चला कि किसान ने रविवार को खेत में जो खाद डाली, वह उधार की थी।
इतना ही नहीं, उस पर किसान क्रेडिट कार्ड का 70 हजार रुपये बकाया था। जिसे जमा करने को बैंक से जोर डाला जा रहा था।
ललौली थाना क्षेत्र के माया देवी के पति शिवरूप तिवारी की कई साल पहले मौत हो चुकी है। ढाई बीघा की काश्तकार माया का बड़ा व विवाहित बेटा कुलदीप कुमार तिवारी (35) खेती का काम देखता था जबकि छोटा व अविवाहित बेटा विनय कुमार तिवारी कानपुर में प्राइवेट नौकरी करता है।
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रविवार देर शाम कुलदीप ने पत्नी रश्मि (28), बेटा दीपराज (6) व दीपिका (8) और मां के साथ भोजन किया। इसके बाद सभी कमरे में सो गए जबकि कुलदीप ने आंगन में बिस्तर लगा लिया।
सुबह पत्नी की आंख खुली और वह पति को जगाने के लिए आंगन पहुंची. तो नजारा देखकर उसके मुंह से चीख निकल गई। पति का शव उसी की साड़ी के फंदे से झूल रहा था।
किसान की मौत से पूरा परिवार अवाक रह गया। पड़ोसी नागेंद्र सिंह व रोहित सिंह की माने तो रविवार को कुलदीप ने गेहूं की फसल में एक बोरी खाद उधार लेकर डाली थी। क्योंकि उसके पास खाद का पैसा नहीं था।
मृतक के भाई विपिन ने बताया कि बड़ौदा ग्रामीण बैंक से बड़े भाई के नाम पर केसीसी बनी थी। जिसका करीब 70 हजार रुपये बकाया था। बैंक से बकाया रकम जमा करने का दबाव बनाया जा रहा था।
पारिवारिक स्थिति ठीक नही होने की वजह से भाई ऐसा नहीं कर पा रहा था। आर्थिक परेशानी की वजह से वह परेशान था। थानेदार संदीप तिवारी ने बताया कि पुलिस की पड़ताल में आर्थिक तंगहाली ही आत्महत्या की वजह बनकर सामने आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

बहुआ क्षेत्र के खटौली गांव में रोती विलखती कुलदीप कुमार तिवारी की मां व अन्य परिजन- फोटो : FATEHPUR

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