फतेहपुर। अगवा किशोरी के परिजन से साइबर ठग ने दरोगा बनकर धोखाधड़ी की। किशोरी और अपहरणकर्ता को पकड़ने के नाम पर 17 हजार रुपये मांग की। परिजन ने चार हजार रुपये ठग के खाते में भेज दिए। बाकी की रकम ट्रांसफर नहीं हुई।
खखरेरू थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली किशोरी को 26 जनवरी की शाम बहलाकर कासिम अगवा कर ले गया था। पुलिस ने मामले में 28 जनवरी को प्राथमिकी दर्ज की थी। परिजन ने बताया कि 29 जनवरी को साइबर ठग का फोन प्रधान के पास आया। प्रधान से उनका नंबर लिया। इसके बाद उन्हें फोन किया। फोन पर ट्रु कॉलर में एअसो राजीव कुमार नाम आया।
उसने बोला कि दरोगा बोल रहा हूं। उसकी बेटी और कासिम दिल्ली में एक होटल पर रुके हैं। उन्हें रोकने के लिए दिल्ली पुलिस से संपर्क किया है। दिल्ली जाने के लिए गाड़ी का इंतजाम और अन्य खर्च 17 हजार रुपये बताए। बातों में फंसकर बताए खाते में पहले चार हजार रुपये ट्रांसफर किए। इस दौरान परिजन को दरोगा दो घंटे लाइन पर लिए रहा।
दोबारा 13 हजार रुपये ट्रांसफर नहीं हुए। कुछ देर बाद फोन कट गया। दोबारा फोन मिलाने पर दरोगा बोला कि उन लोगों ने रुपये नहीं भेजकर बात खराब कर दी है। अब रुपये वापस नहीं होंगे। यह बोलकर फोन काट दिया।
परिजन ने स्थानीय पुलिस से शिकायत की है। थानाध्यक्ष विद्या प्रकाश सिंह ने बताया कि फिलहाल किशोरी नहीं मिली है। किसी साइबर ठग ने परिजनों को फोन किया है। उसकी भी जांच चल रही है।