फतेहपुर। जिलाधिकारी कंचन वर्मा ने गुरुवार को रसोई गैस की महंगाई को देखते हुए स्कूलों में मिडडेमील पकाने की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। हालांकि डीएम ने लकड़ी की आग में भोजन पकाने की बात से पूरी तरह से परहेज बरता। मालूूम हो कि इंडिय आयल ने रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि के साथ स्कूलों में एमडीएम पकाने के लिए मिलने वाले गैस सिलेंडर की कीमत 1024 रुपए निर्धारित कर दी है। जबकि इससे पूर्व गैस सिलेंडर 406 रुपए का मिलता रहा है। ऐसी स्थिति में मध्यांह भोजन की गुणवत्ता प्रभावित होना तय है। डीएम ने विभागीय अधिकारियों की गांधी सभागार में हुई बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी दशा में एमडीएम प्रभावित नहीं होना चाहिए। गैस की महगाई को देखते हुए भोजन पकाने के लिए संचालक वैकल्पिक व्यवस्था करें। इसके तहत उन्होने केरोसिन या लकड़ी किसी भी ईंधन का नाम स्पष्ट नहीं किया। बैठक में बेसिक शिक्षा अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद, डीआईओएस मोहम्मद रफीक, एमडीएम समन्वयक आशीष दीक्षित समेत संबंधित अधिकारी/कर्मचारी मौजूद रहे।