फतेहपुर। आबूनगर इलाके में जिंदगी से ऊबकर रिटायर फौजी समेत दो लोगों ने मंगलवार की दोपहर मौत को गले लगा लिया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
आबूनगर पुलिस चौकी के ठीक पीछे स्थित ककरहा मोहल्ला निवासी बलदेव प्रसाद (72) सेवानिवृत्त फौजी था। करीब दस साल से दमा की बीमारी से पीड़ित था। वह अपने छोटे बेटे अशोक के परिवार के साथ रहता था। वह दोपहर को घर के बाहर बैठा था। अशोक पिता की दवाएं खरीदने गया था। घर के अंदर से रिटायर फौजी अपनी लाइसेंसी बंदूक लेकर आया और घर के बाहर तख्त पर बंदूक गर्दन से सटाकर फायर कर दिया। इससे मौके पर ही फौजी की मौत हो गई। घटना देखकर उसकी विकलांग पत्नी रामरानी चीख पड़ी। गोली की आवाज सुनकर परिजन घर के बाहर आ गए। मृतक के बेटे अशोक ने बताया कि उसका बड़ा भाई सुरेश कानपुर के बादशाहीनाका थाने में हवलदार के पद पर तैनात है।
उधर, चौकी क्षेत्र के ही रज्जन मैरिज हाल के पास रहने वाले राजू मौर्या की 28 वर्षीय पत्नी रामा देवी ने दोपहर को कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। बाकरगंज स्थित परचून की दुकान में राजू काम करता है। वह सुबह काम पर चला गया था। उसकी वृद्ध मां कौशल्या अपने स्कूल में घास काटने गई थी। घटना की जानकारी कौशल्या के घर पहुंचने पर हुई। उसका शव छत पर लगे कुं डे के सहारे रस्सी से लटका मिला। महिला ने तख्त के ऊपर स्टूल रखकर रस्से से फांसी लगाई थी। उस समय घर पर कोई नहीं था। कमरे में मृतका का एक साल का बच्चा रोते बिलखते मिला।
राजू ने बताया कि 26 अप्रैल 2012 को रामा देवी के साथ दूसरी शादी हुई थी। उसका मायका हथगाम थाना क्षेत्र के नगरा गांव में है। इससे पहले उसकी पहली शादी 2004 में शर्मिला निवासी पुरबुजुर्ग थाना असोथर से हुई थी। पहली पत्नी ने भी इसी कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी थी। उस मामले में तीन साल पहले सजा काटकर आया है। इसके बाद दूसरी शादी की थी। घर में मामूली बात को लेकर विवाद हुआ था। इसी वजह से पत्नी ने जान दे दी है।