अमौली (फतेहपुर)। परमार्थ सेवा समिति की ओर से बुढवां में आयोजित धर्म संस्कार महोत्सव एवं विष्णु महायज्ञ के अंतिम दिन भक्तों का सैलाब उमड़ा। जो जहां था वहीं से महोत्सव में शामिल होने के लिए दौड़ पड़ा। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 11 जोड़े दांपत्य सूत्र बंधन में बंधे। विभिन्न स्थानों से आए लोगों ने नव दंपति को आर्शीवाद दिया। विदाई की बेला पर बेटी को विदा करने वालों की आंखें नम हो गई, लेकिन चेहरे पर गजब का संतोष दिखा। उनका कहना था कि समिति की ओर से किए गए इस आयोजन ने उनकी वर्षों की इच्छा पूरी कर दी है। धर्ममय माहौल में बेटी को विदा करके वे खुद धन्य महसूस कर रहे हैं। महोत्सव में एसडीएम बिंदकी शिवप्रसाद व सीओ अनुराग दर्शन सहित तमाम अफसरों एवं विभिन्न स्थानों से आए अतििथियों ने नव दंपतियों को आर्शीवाद दिया।
फोटो- 34 शादी के लिए सजी-धजी दुल्हनें
शादी को लेकर दिखा गजब का उत्साह
परमार्थ सेवा समिति की ओर से चल रहे धर्म संस्कार महोत्सव में शुरु से ही लोगों में उत्साह रहा। एक तरह धर्म की त्रिवेणी बह रही थी तो दूसरी तरह संस्कार की पाठशाला लोगों को सद्कर्म की ओर आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रही थी। अंतिम दिन विवाद समारोह का आयोजन किया गया। धार्मिक माहौल में दांपत्य जीवन की डोर में बंधने के लिए आए नवयुवकों एवं युवतियों में गजब का उत्साह दिखा। वे परिसर में बने पांडाल में सुबह से ही तैयार होते दिखे। दूल्हे के साथ ही दुल्हन के चेहरे पर जिंदगी के खुशनुमा सपने साफ झलक रहे थे। उनके परिजन उन्हें तैयार करने में व्यस्त रहे तो समिति के पदाधिकारियों को इस बात की फिक्र रही कि शादी के दौरान कुछ छूट न जाए। यही वजह है कि जैसे ही नव वर- वधू को स्टेज पर बुलाया गया। उनके कदम एक साथ आगे बढ़े। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नव दंपति ने साथ जीने और मरने की शपथ ली। नव वर- वधुओं ने जब एक-दूसरे के गले में वरमाला डाली तो पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। यह जश्न भीगजब का था। एक तरह धर्म और आध्यात्म की धारा बह रही थी तो दूसरी तरफ जिंदगी की नई राह सामने स्वच्छ दिखाई पड़ रही थी।
फोटो- 37 वर-वधु को आर्शीवाद देते एसडीएम व सीओ
38- वरमाला के बाद मंचासीन वर-वधु
कन्यादान सबसे पुनीत कार्य : शिवप्रसाद
सामूहिक विवाह कराना सबसे बड़ा पुण्य कार्य
फतेहपुर। परमार्थ सेवा समिति की ओर से आयोजित धर्म संस्कार एवं विष्णु महायज्ञ के अंतिम दिन शुक्रवार को विवाह समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में एसडीएम शिवप्रसाद ने समिति के कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि कन्या दान सबसे बड़ा दान है। कन्यादान जैसे पुनीत कार्य के लिए समाज के हर सुविधा संपन्न व्यक्ति को आगे आना चाहिए। उन्होंने सामूहिक विवाह जैसे आयोजनों को बढ़ावा देने पर बल दिया। कहा कि आयोजकों ने जिस मेहनत, लगन और निस्वार्थ भावना से पूरे आठ दिन धर्म संस्कार महोत्सव का आयोजन कराया है, उससे उनके समाज हितों के प्रति रुचि का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। इस दौरान एसडीएम एवं सीओ बिंदकी अनुराग दर्शन ने सभी जोड़ों को मिठाई खिलाकर उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए विदाई दी। कार्यक्रम में लोकनाथ पांडेय, आयोजक विमलेश त्रिवेदी, हरिनंदन नरायण दुबे, उमेश त्रिवेदी, वीएस यादव, दयाराम अवस्थी आदि ने वर वधू को आशीर्वाद प्रदान किए। बाद में सकुशल कार्यक्रम संपन्न कराने को लेकर समारोह के आयोजक विमलेश त्रिवेदी ने सभी का आभार व्यक्त किया।
फोटो- 32 पांव पूजन की रस्म अदा करते कन्या पक्ष के लोग
पांव-पूजन भी हुआ
परमार्थ सेवा समिति की ओर से आयोजित इस धर्म संस्कार महोत्सव एवं शादी समारोह की सबसे खास बात यह रही कि नव दंपति के परिजनों की ख्वाहिश का भी पूरा ध्यान रखा गया। पहले स्टेज पर वरमाला पड़ी और फिर उनकी इच्छा अनुसार पांव-पूजन की रस्म पूरी कराई गई।
फोटो- 33 पांडाल में रखा उपहार में दिया जाने वाला सामान
उपहार में दिए गृहस्थी के सामान
समिति की ओर से आयोजित इस समारोह में नव दंपति को गृहस्थी का सामान भेंट स्वरूप दिया गया। उपहार के तौर पर सोने चांदी के आभूषण भी दिए गए। इसमें सोने की नाक के बेसर, सोने की कील, चांदी के पायल, वधुओं को पांच साड़ियों से भरा बक्सा, पर्स, चप्पल आदि उपहार देेकर विदा किया गया। इसमें संत हरिओम ने नव दंपतियों बैग उपहार के रूप में दिए। समिति की ओर से हर जोड़े को वह तमाम सामाग्री भेंट की गई, जो उनकी नई जिंदगी की शुरुआत में काफी मायने रखते हैं।
खाने-पीने का रखा पूरा ध्यान
परमार्थ सेवा समिति की ओर से आयोजित इस महाकुंभ में न सिर्फ विवाद की रस्म पूरी कराई गई बल्कि दूर दराज से आने वाले तमाम लोगों के भोजन की भी व्यवस्था की गई थी। समिति के पदाधिकारी बारातियों की खातिरदारी में व्यस्त नजर आए तो घराती भी समिति की व्यवस्था की तारीफ करने में पीछे नहीं रहे।
धर्ममय नजर आया पूरा इलाका
परमार्थ सेवा समिति की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम की वजह से पूरा इलाका धर्ममय नजर आया।बुढवां में 31 अक्तूबर से शुरु हुआ धर्म संस्कार एवं विष्णु महायज्ञ के दौरान आसपास के गांवों के हजारों लोगों ने लाभ उठाया। महायत्र के दौरान चले धार्मिक अनुष्ठान और वैदिक मंत्रोच्चार की गूंज ने पूरे इलाके को धर्ममय कर दिया था। सात दिन तक चले इस महोत्सव में श्रीमद भागवत कथा, यज्ञ, रहसलीला, मुंडन संस्कार, यज्ञोपवीत संस्कार, सर्वजातीय विवाह समारोह आदि आयोजन कराए गए। समारोह के अंतिम दिन जब 11 जोड़े मंच पर पहुंचे तो उ न्हें आर्शीवाद देने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। आचार्य विमल कुमार ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच सभी जोड़ों के अग्नि फेरे कराए। कमेटी के पदाधिकारी और सदस्यों ने बारातियों और जनातियों का स्वागत सत्कार किया।
तड़के शुरू हुआ योग शिविर
विवाह समारोह से पहले भोर 4 बजे से योग शिविर का आयोजन किया गया। सुबह 7 बजे से यज्ञ का कार्यक्रम हुआ, जिसमें मुख्य यजमान ने आहुतियां देकर शुभारंभ किया। बाद में बड़ी तादाद में लोगों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच आहुतियां दीं।
ये एक-दूजे के हुए
1- रवि संग कविता गुप्ता
2- अंकित कुमार संग मीरा देवी
3- विमल विश्वकर्मा संग अर्पिता देवी
4- गिरजेश कुमार संग पुष्पा देवी
5- राजेश कुमार सविता संग नीलम देवी
6- मुलायम सिंह संग सोनी देवी
7- अभिनव पटेल संग प्रिया सचान
8- तरुण गुप्ता संग मोनी देवी
9- शिवनरेश संग रुचि देवी
10- सुरजीत संग पूनम
11- मनोज कुमार संग वंदना देवी