फतेहपुर। शिक्षामित्रों का सहायक अध्यापक पद पर समायोजन कछुआ गति से चल रहा है। विभागीय खींचतान में जांच के लिए आधी अधूरी पत्रावली ही मुहैया कराई गई, जिससे जांच में दिक्कतें आ रही हैं। प्राचार्य का कहना है कि इस संबंध में कई बार बीएसए से कहा जा चुका है, लेकिन अभी तक सिर्फ विकल्पों की फाइल ही मुहैया कराई गई है। बीएसए का कहना है कि डायट प्राचार्य ने जो भी अभिलेख मांगे थे, उन्हें मुहैया कराए जा चुके हैं। जिले के 943 शिक्षामित्रों को 2 अगस्त 2014 को सहायक अध्यापक पदों पर स्कूलों में नियुक्ति पत्र जारी किए गए थे। पचास फीसदी महिला शिक्षामित्रों को विकल्प से हटकर मनमानी तरीके से स्कूलों का आवंटन किया गया है। यह स्कूल 60 से 70 किमी की दूरी पर हैं। इतना ही नहीं पुरुष शिक्षामित्रों की नियुक्ति में सीनियर को जूनियर और जूनियर को सीनियर भी बना दिया गया। शिक्षामित्र संगठनों के विरोध पर जांच डायट प्राचार्य को मिली। डायट प्राचार्य न 4 सितंबर को बेसिक शिक्षा विभाग से पत्रावली मांगी, तो हीलाहवाली की जाती रही। कई बार मांगने के बाद महीनेभर बाद आधी अधूरी पत्रावली दी गई है। पत्रावली में सिर्फ महिला शिक्षामित्रों के विकल्प पत्र भेजे गए हैं। अभी तक पुरुष शिक्षामित्रों को स्कूल आवंटन से संबंधित कोई भी अभिलेख नहीं भेजे गए हैं। ऐसी हालत में अभी तक जांच प्रक्रिया अधर में अटकी पड़ी है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी त्रिपाठी का कहना है कि डायट प्राचार्य ने जो भी अभिलेख मांगे थे, उन्हें मुहैया कराए जा चुके हैं। इसमें किसी भी अधिकारी कर्मचारी को बचाने की बात करना सरासर गलत है। अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्यवाही निश्चित है।